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टैक्स की चिंगारी से धुआं हुए तंबाकू स्टॉक्स, 5 फीसदी तक लुढ़के ITC, VST और गॉडफ्रे फिलिप के शेयर

सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के बाद तंबाकू कंपनियों के शेयरों में आई तेज गिरावट का असर सोमवार के कारोबार में भी देखने को मिला है। जानिए ITC, गॉडफ्रे फिलिप्स और VST इंडस्ट्रीज के शेयरों का हाल और निवेशकों को आगे क्या देखना चाहिए।​

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तंबाकू स्टॉक्स में गिरावट

Tobaccos Stocks Down सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के बाद तंबाकू कंपनियों के शेयरों में दबाव बना हुआ है। हालांकि दिन के कारोबार में ITC के शेयर में हल्की रिकवरी दिखी, लेकिन गॉडफ्रे फिलिप्स और VST इंडस्ट्रीज जैसे शेयर अब भी गिरावट में रहे। पिछले छह महीनों के आंकड़े बताते हैं कि टैक्स झटके और मांग को लेकर चिंताओं ने इस पूरे सेक्टर में निवेशकों की बड़ी पूंजी घटा दी है।

टैक्स बढ़ोतरी के बाद शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव

नई टैक्स व्यवस्था लागू होने के बाद बाजार में सिगरेट की कीमतें बढ़ीं, जिससे निवेशकों में मांग घटने की आशंका बढ़ी। इसी के चलते तंबाकू कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई। हालांकि सोमवार के कारोबार में ITC का शेयर 310 रुपये के आसपास हल्की बढ़त के साथ ट्रेड करता दिखा, लेकिन सेक्टर की अन्य कंपनियों में दबाव बना रहा। गॉडफ्रे फिलिप्स का शेयर करीब 5% गिरकर 1,896 रुपये के आसपास रहा, जबकि VST इंडस्ट्रीज में भी करीब 2% की गिरावट दर्ज हुई।

छह महीने का प्रदर्शन दिखाता है असली दबाव

शॉर्ट टर्म मूवमेंट के मुकाबले पिछले छह महीने का चार्ट ज्यादा स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। इस अवधि में ITC के शेयर में लगभग 26% की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। स्थिति और ज्यादा खराब गॉडफ्रे फिलिप्स के निवेशकों के लिए रही, जहां शेयर करीब 37% तक टूट चुका है। वहीं VST इंडस्ट्रीज के शेयर में भी लगभग 20% की गिरावट दर्ज हुई है। इसका मतलब है कि टैक्स बढ़ोतरी की घोषणा से पहले भी इन शेयरों में दबाव बना हुआ था, जिसे अब नई नीति ने और तेज कर दिया।

कंपनियां कैसे संभालेंगी मार्जिन दबाव

आमतौर पर तंबाकू कंपनियां टैक्स बढ़ने पर कीमतों में बढ़ोतरी कर अपने मार्जिन को बचाने की कोशिश करती हैं। लेकिन कीमतें बढ़ने का सीधा असर वॉल्यूम पर पड़ सकता है, खासकर भारत जैसे बाजार में जहां उपभोक्ता कीमत को लेकर संवेदनशील रहते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनियां धीरे-धीरे कीमत समायोजन करेंगी, लेकिन अल्पावधि में बिक्री और मुनाफे पर असर दिख सकता है।

अवैध कारोबार का जोखिम भी बढ़ा

टैक्स बढ़ने के साथ एक बड़ी चिंता अवैध सिगरेट बाजार के बढ़ने की भी है। जब कानूनी उत्पाद महंगे हो जाते हैं, तो सस्ते अवैध विकल्प बाजार में जगह बनाने लगते हैं, जिससे संगठित कंपनियों की बिक्री प्रभावित हो सकती है।

निवेशकों को आगे क्या देखना चाहिए

आने वाले महीनों में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कीमत बढ़ने के बाद मांग पर कितना असर पड़ता है और कंपनियों के अगले तिमाही नतीजों में मार्जिन और वॉल्यूम का ट्रेंड कैसा रहता है। फिलहाल इतना साफ है कि टैक्स नीति में बदलाव ने तंबाकू शेयरों में अस्थिरता बढ़ा दी है और सेक्टर में निवेश फिलहाल सतर्क नजरिए से ही किया जा रहा है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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