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प्रत्यक्ष निवेश पर एनएसई के सीईओ ने क्यों दिया जोर, जानें विस्तार से

Why did NSE CEO insist on direct investment: अधिक जोखिम वाले वायदा एवं विकल्प खंड में खुदरा निवेशकों की भूमिका पर बढ़ती चिंताओं के बीच चौहान ने एक डाटा पेश किया जिसके अनुसार अक्टूबर में बाजार में कुल कारोबार ‘प्रीमियम’ का केवल 0.3 प्रतिशत एक लाख रुपये से कम था।

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आशीष कुमार चौहान

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Why did NSE CEO insist on direct investment: एनएसई के मुख्य कार्यकारी एवं प्रबंध निदेशक आशीष कुमार चौहान ने बृहस्पतिवार को कहा कि बाजार में खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ रही है और समूह एक मजबूत ताकत बन गया है। चौहान ने साथ ही कहा, ‘‘ प्रत्यक्ष निवेश भी सही है।’’ हालांकि, एनएसई प्रमुख ने तुरंत यह जानकारी भी दी कि वह अपनी व्यक्तिगत संपत्ति केवल म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, प्रत्यक्ष इक्विटी भागीदारी में नहीं।

अधिक जोखिम वाले वायदा एवं विकल्प खंड में खुदरा निवेशकों की भूमिका पर बढ़ती चिंताओं के बीच चौहान ने एक डाटा पेश किया जिसके अनुसार अक्टूबर में बाजार में कुल कारोबार ‘प्रीमियम’ का केवल 0.3 प्रतिशत एक लाख रुपये से कम था। उन्होंने कहा कि कोई भी राय बनाने से पहले आंकडों को देखने की जरूरत है, न कि मान्यताओं से प्रेरित होने की।

उन्होंने कहा कि खुदरा निवेशकों के पास अब 60 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है, जो बाजार में सभी निवेशकों की कुल संपत्ति का करीब पांचवां हिस्सा है। चौहान ने कहा कि समूह अब एक ‘‘बड़ी ताकत’’ बन गया है। इसने 2023 में 28 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया, जो कि बड़े निवेशकों के कुछ अन्य समूहों की तुलना में काफी अधिक है।

वर्तमान में एनएसई में पंजीकृत निवेशक भारत के 99.85 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र से आते हैं। वर्तमान में केवल 33 पिनकोड को बाहर रखा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शेष को भी जल्द ही इसमें शामिल किया जाएगा।

TNN Business Desk
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