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ITR रिफंड में क्यों हो रही है देरी? बैंक या टैक्स विभाग में कहां अटका है आपका पैसा!

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के बाद भी क्या आपका रिफंड अटका हुआ है? जानिए टैक्स विभाग और बैंक के स्तर पर होने वाली देरी के मुख्य कारण और अपना रिफंड स्टेटस ऑनलाइन चेक करने का बेहद आसान तरीका।

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ITR रिफंड में क्यों हो रही है देरी? बैंक या टैक्स विभाग में कहां अटका है आपका पैसा!

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के बाद करदाताओं को सबसे ज्यादा इंतजार अपने रिफंड (ITR Refund) के खाते में आने का होता है। आमतौर पर ITR को ई-वेरीफाई (E-verify) करने के कुछ हफ्तों के भीतर आयकर विभाग रिफंड का पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर देता है। हालांकि, कई बार महीना बीत जाने के बाद भी रिफंड खाते में क्रेडिट नहीं होता। लोग इस बात को लेकर परेशान हो जाते हैं कि उनका पैसा आयकर विभाग के पास अटका है या फिर बैंक के स्तर पर कोई गड़बड़ी हुई है।

रिफंड की सबसे बड़ी देरी

रिफंड में देरी होने की पहली और सबसे बड़ी वजह आयकर रिटर्न का ई-वेरीफिकेशन (E-verification) न होना है। अगर आपने ITR जमा तो कर दिया है, लेकिन 30 दिनों के भीतर उसे ई-वेरीफाई नहीं किया है, तो आपकी रिटर्न प्रोसेस ही नहीं होगी और रिफंड जारी नहीं किया जाएगा। दूसरी मुख्य वजह बैंक खाते का प्री-वैलिडेट (Pre-validated) न होना या नाम/PAN का बेमेल होना है। अगर आपका बैंक खाता ई-फाइलिंग पोर्टल पर प्री-वैलिडेट नहीं है या बैंक खाते में दर्ज आपका नाम आयकर विभाग के PAN कार्ड रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता है, तो बैंक रिफंड का पैसा ट्रांसफर करने से इनकार कर देता है।

तीसरी वजह आयकर विभाग द्वारा आपकी रिटर्न में ब्योरे का मिसमैच (Mismatch) या स्क्रूटनी होना है। अगर आपके द्वारा फाइल किए गए दावों, टीडीएस (TDS) कटौती और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में दर्ज आंकड़ों के बीच कोई अंतर दिखता है, तो टैक्स विभाग रिफंड जारी करने के बजाय आपको धारा 139(9) के तहत डिफेक्टिव नोटिस या धारा 143(1) का इंटिमेशन नोटिस भेज देता है। जब तक आप इस नोटिस का सही जवाब देकर विसंगति को दूर नहीं करते, तब तक रिफंड अटका रहता है।

चौथी वजह पुराना बकाया टैक्स (Outstanding Tax Demand) हो सकती है। अगर पिछले किसी वित्तीय वर्ष का कोई टैक्स बकाया है, तो आयकर विभाग आपके चालू वर्ष के रिफंड को उस पुराने बकाये के साथ एडजस्ट कर देता है, जिसकी सूचना आपको नोटिस के जरिए दी जाती है। इसके अलावा, कई बार बैंक की ओर से आईएफएससी कोड (IFSC Code) बदलने, मर्ज होने या खाता निष्क्रिय (Dormant) होने के कारण भी 'रिफंड फेलियर' (Refund Failure) की समस्या आ जाती है।

बैंक या IT विभाग कहां अटका है पैसा?

अगर आपका रिफंड अभी तक नहीं आया है, तो चिंता करने के बजाय इनकम टैक्स विभाग के आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल या NSDL/TIN पोर्टल पर जाकर अपना रिफंड स्टेटस चेक करें। पोर्टल पर आपको स्पष्ट रूप से दिख जाएगा कि आपका रिफंड किस चरण में है या किस तकनीकी कारण से अटका हुआ है। अगर रिफंड फेल हो गया है, तो आप पोर्टल पर जाकर 'Refund Re-issue Request' डालकर अपने सही बैंक खाते का ब्योरा दर्ज करके दोबारा रिफंड हासिल कर सकते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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