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कौन हैं झांग यीमिंग, जिनके एल्गोरिदम पर नाच रही दुनिया, टॉप अमीरों की लिस्ट में आया नाम

ये दौर टेक्नोलॉजी का है और यहां शोहरत का सेहरा उनके सिर बंधता है, जिनके दिमाग में टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन के दम पर दुनिया को नचा देने वाले आइडियाज पलते हैं। ऐसा ही एक नाम है झांग यीमिंग।

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झांग यीमिंग

झांग यीमिंग, पिछले दो दिन से यह नाम लगातार सुर्खियों में है। क्योंकि ये एशिया के सबसे अमीर लोगों की फेरहिस्त में Reliance Industries के मालिक मुकेश अंबानी को पीछे छोड़कर दूसरे पायदान पर काबिज हो गए। हालांकि, यह बात अब कुछ घंटे पुरानी हो चुकी है। वैसे भी, यह किस्सा अमीरी की फेरहिस्त का नहीं, बल्कि उस शख्सियत का है, जिसने इनोवेशन के दम पर पूरी दुनिया को अपने इशारों पर नचा रखा है।

यह किस्सा झांग यीमिंग का है। भले ही इस नाम से आपके दिमाग में किसी शख्स का चेहरा नहीं उभर रहा होगा। लेकिन, Tiktok नाम आते ही, आपके दिमाग में एक काले बैकग्राउंड पर आर्टिस्टिक अंदाज में सफेद रंग का 'd' लिखा हुआ तैरने लगा होगा। जाहिर, आप अब यह समझ ही गए होंगे कि यीमिंग का टिकटॉक से कोई रिश्ता है।

जी हां, झांग यीमिंग एक टेक एंटप्रन्योर हैं, जिन्हें Bytedance, Tiktok (Douyin) के फाउंडर हैं। फिलहाल, Bloomberg की रियल टाइम बिलियनेयर लिस्ट के मुताबिक झांग करीब 98 अरब डॉलर की दौलत के साथ दुनिया के 21वें सबसे अमीर शख्स हैं। जबकि, एशिया में 115 अरब डॉलर की दौलत वाले गौतम अड़ानी के बाद दूसरे सबसे अमीर हैं। एशिया में लंबे समय तक मुकेश अंबानी सबसे अमीर शख्स रहे हैं। लेकिन, पिछले एक महीने में गौतम अडानी की दौलत में रॉकेट की रफ्तार से तेजी आई, जिससे मुकेश अंबानी दूसरे पायदान पर खिसक गए और अब तीसरे पायदान पर पहुंच गए हैं।

बहरहाल, झांग यीमिंग की कहानी पर लौटते हैं। 1983 में चीन के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित फूजियान प्रांत में झांग एक मिडिल क्लास परिवार में पैदा हुए। उनके पिता सरकारी नौकरी करते थे। पढ़ाई-लिखाई में औसत से बेहतर छात्र रहे यीमिंग ने नानकई यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद कई सालों तक यहां-वहां छोटी मोटी नौकरियां करते रहे। 2001 से 2005 के बीच इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन करने के बाद 2006 में उन्होंने एक ट्रैवल वेबसाइट Kuxun के लिए काम शुरू किया। यहां वे कंपनी के 5वें कर्मचारी थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह बहुत ही छोटी शुरूआत थी।

बड़ी छलांग और नाकामयाबी

यीमिंग की शुरुआत भले ही छोटी थी। लेकिन, टेक्नोलॉजी से उनका रिश्ता गहरा था। खासतौर पर मशीन लर्निंग, एल्गोरिदम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे टॉपिक्स पर उनकी मजबूत पकड़ थी। नतीजतन, 2008 में उन्हें Microsoft में जगह मिल गई। लेकिन, यहां का कॉरपोरेट कल्चर उन्हें खास पसंद नहीं आया और 2009 में ट्विटर जैसी माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट Fanfou (Weibo) से जुड़े। लेकिन, आखिर में यह बंद हो गई।

एंटरप्रन्योरशिप का सफर

Fanfou की नाकामयाबी के बाद यीमिंग ने अपना खुद का काम शुरू किया और जब 2009 में Kuxun को Expedia खरीद रही थी, तो उन्होंने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर Kuxun के रियल एस्टेट सर्च बिजनेस को खरीदा और 99fang नाम से कंपनी बनाई। यह उनकी पहली कंपनी थी। तीन साल बाद यीमिंग इससे अलग हो गए।

अपने एल्गोरिदम पर नचाई पूरी दुनिया

झांग यीमिंग अब कुछ ऐसा करना चाहते थे, जिससे इंटरनेट पर सर्च करने वालों को रिलेवेंट कंटेंट मिल सके। इसके लिए उन्होंने 2011 में एक चार कमरे के फ्लैट से अपने एक दोस्त के साथ मिलकर Bytedance की शुरुआत की और सबसे पहले Toutiao न्यूज एप बनाई, जो रीडर्स को उनके टेस्ट के हिसाब से न्यूज का फीड बनाकर देती थी। यह एप तेजी से लोकप्रिय हुई और 2 साल के भीतर ही इस एप क 1.3 करोड़ से ज्यादा डेली यूजर बन गए।

इसके बाद 2017 में झांग ने Tiktok एप पेश किया, जिसे चीन में Douyin नाम दिया गया। यह दुनिया का पहला शॉर्ट फॉर्म वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म था। कुछ ही दिनों में यह दुनिया का सबसे पॉपुलर शॉर्ट फॉर्म वीडियो कंटेंट शेयरिंग प्लेटफॉर्म बन गया। इस तरह पूरी दुनिया में लोग यीमिंग के एल्गोरिदम पर नाच रहे थे। महज एक साल क भीतर दुनियाभर में टिकटॉक के 1 अरब से ज्यादा डेली यूजर बन गए।

चीनी सेना के लिए जासूसी का आरोप

बायटडांस और टिकटॉक जैसी सफल कंपनी बनाने वाले झांग एशिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स होने के बाद भी बेहद लो प्रोफाइल रहते हैं। सितंबर 2020 में अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने झांग और उनकी कंपनियों को चीनी सेना और चीन की सरकार चलाने वाली कम्युनिस्ट पार्टी का माउथपीस करार देते हुए टिकटॉक को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा करार दिया। यहां तक कि भारत में भी इसे बैन कर दिया गया। खैर, ये एक अलग कहानी है। फिलहाल, झांग यीमिंग एशिया का दूसरे सबसे अमीर शख्स हैं और उन्होंने यह दौलत एक ऐसे एप के जरिये हासिल की है, जिसे आए अभी पूरा एक दशक भी नही हुआ है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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