Ashok Vaswani, Kotak Mahindra Bank : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कोटक महिंद्रा बैंक के नए CEO के लिए अशोक वासवानी के नाम मुहर लगा दी है। 62 वर्षीय वासवानी का कार्यकाल 1 जनवरी 2024 से पहले तीन साल का होगा और वह अंतरिम सीईओ दीपक गुप्ता का स्थान लेंगे। अशोक वासवानी प्राइवेट सेक्टर के कोटक बैंक के CEO और MD बनेंगे। वासवानी बैंक के फाउंडर उदय कोटक के बाद इसकी कमान संभालने वाले हैं। उदय कोटक ने अपना कार्यकाल दिसंबर में पूरा होने के चार महीने पहले ही पद छोड़ दिया था। जिसके बाद से बैंक को नए CEO की तलाश थी। तो चलिए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं…
अशोक वासवानी, एक ऐसा नाम जिसने बार्कलेज और सिटीग्रुप जैसी वित्तीय महाशक्तियों को बैंकिंग का बिजनेस बनाया। यूके के बार्कलेज के पूर्व 'डिजिटल प्रचारक' वासवानी डिजिटलीकरण के बढ़ते महत्व को समझने वाले शुरुआती लोगों में से एक हैं और उन्होंने ब्रिटिश बैंक को नई टेक्नोलॉजी अपनाने के लिए प्रेरित किया। 2008 वैश्विक वित्तीय संकट के समय जब बार्कलेज की बैंकिंग लड़खड़ा गई थी तब उन्होंने इसे अच्छी स्थिति पर पहुंचाया।
डिजिटल वॉलेट को इन्ही ने किया था शुरू
वासवानी कोटक महिंद्रा बैंक के दूसरे CEO होंगे। यह बैंक 1980 के दशक में बिल-डिस्काउंटिंग फर्म के रूप में शुरू हुआ था और इस सदी की शुरुआत में पूरी तरह कॉर्मर्शियल बैंक में परिवर्तित हो गया। डिजिटल वॉलेट के चर्चा में आने से बहुत पहले, वासवानी ने बार्कलेज में इसे यूरोप में लागू कर दिया था। वह पहली मोबाइल पेमेंट सर्विस 'पिंगिट' की शुरुआत के साथ यूरोप को डिजिटल बैंकिंग देने वाले पहले व्यक्ति थे।
यहां से की पढ़ाई
भारत में पैदा हुए अशोक वासवानी ने अपनी ग्रेजुएशन भारत से पूरी की।उन्होंने सीए और सीएस की पढ़ाई की। इसके साथ ही उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से भी पढ़ाई की है। उन्होंने यूके के बार्कलेज बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और उसके बाद उनके वैश्विक उपभोक्ता, निजी, कॉर्पोरेट और भुगतान व्यवसायों के सीईओ के रूप में काम किया है। वह समूह कार्यकारी समिति के सदस्य भी हैं। इससे पहले वह सिटीग्रुप एशिया पैसिफिक के सीईओ और सिटीग्रुप ग्लोबल ऑपरेटिंग एंड मैनेजमेंट कमेटियों के सदस्य का पद भी संभाल चुके हैं।
