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भारत में कहां रहते हैं सबसे अधिक अमीर और किस पर कर रहे भारी खर्च? इस वेल्थ रिपोर्ट में हुआ खुलासा

भारत में अमीरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सबसे अधिक अमीर रहते हैं। वहीं, गुरुग्राम, सूरत और लखनऊ में तेजी से नए अमीर बढ़ रहे हैं।

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महंगी गाड़ी (Istock)

भारत में अमीरों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मर्सिडीज-बेंज हुरुन इंडिया वेल्थ रिपोर्ट 2025 के अनुसार, 2021 और 2025 के बीच ₹8.5 करोड़ या उससे अधिक नेट-वर्थ वाले परिवारों की संख्या लगभग दोगुनी अब सवाल उठता है कि जब देश में अमीरों की संख्या तेजी से बढ़ी है तो ये अमीर लोग अपना पैसा कहां खर्च कर रहे हैं। हुरुन के विश्लेषकों का कहना है कि अमीर अब केवल आभूषणों और कारों पर अपना पैसा खर्च नहीं कर रहे, बल्कि अपनी संपत्ति को जीवनशैली में सुधार पर बड़ा निवेश कर रहे हैं। अमीरों की संख्या पर नजर डालें तो सबसे अधिक करोड़पति लोग मुंबई में रहते हैं। इसके बाद नई दिल्ली और बेंगलुरु का स्थान है। वहीं, गुरुग्राम, सूरत और लखनऊ में अमीरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आइए जानते हैं कि अमीर लोग कहां अपना पैसा खर्च कर रहे हैं।

लक्जरी घर, सोना और शेयर में सबसे ज्यादा निवेश

भारत के करोड़पति (HNI) मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में लक्जरी रियल एस्टेट में बड़ा निवेश कर रहे हैं। साथ ही गोवा और हिमालय में सेकेंड होम खरीद रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमीरों के लिए शेयर, रियल एस्टेट और सोना पसंदीदा विकल्प बने हुए हैं।

सर्वे के अनुसार, अमीरों के बीच लग्जरी कारें (SUV और EV; मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू, ऑडी) सबसे बड़ी चाहत हैं, इसके बाद रियल एस्टेट (फार्महाउस और हॉलिडे विला), ग्लोबल ट्रैवल (यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया), फैशन और लाइफस्टाइल (हाई-एंड घड़ियां जैसे रोलेक्स, गुच्ची, लुई वीटॉन, कपड़े और ज्वेलरी) और टेक्नोलॉजी व निवेश (क्रिप्टो आर्ट) शीर्ष प्राथमिकताएं हैं। ज्वेलरी में 75% करोड़पति प्राकृतिक हीरे को तरजीह देते हैं। आधे से ज्यादा करोड़पतियों के पास एक से अधिक कारें हैं, जिनमें अधिकांश 3–6 साल के भीतर अपग्रेड करते हैं, जबकि करीब 40% अपनी कार 6 साल से ज्यादा रखते हैं।

घूमने पर बहुत ज्यादा खर्च

खर्च करने की प्रवृत्ति से पता चलता है कि भारतीय करोड़पति अपेक्षाकृत संतुलित खर्च करते हैं, जिसमें 60% परिवारों की सालाना खर्च 1 करोड़ रुपये से कम है। सबसे अधिक खर्च टूरिज़्म (32%), इसके बाद शिक्षा (27%) और मनोरंजन (22%) पर किया जाता है। रिपोर्ट के अनुमान के अनुसार, अगले पांच वर्षों में अमीर परिवारों में दो अंकीय वृद्धि होगी, जिससे भारत वैश्विक धन सृजन के प्रमुख केंद्रों में शामिल होने के करीब पहुंच जाएगा।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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