आजकल हेल्थ इंश्योरेंस हर किसी के लिए जरूरी हो गया है। बीमारियों की बढ़ती संख्या और अस्पताल के खर्चों को देखते हुए सही हेल्थ प्लान लेना अब पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। खासकर अगर आप 25 साल के हैं और अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं, तो यह सही समय है हेल्थ इंश्योरेंस लेने का। इस उम्र में सेहत सामान्य रहती है और प्रीमियम भी किफायती होते हैं, लेकिन भविष्य में अचानक बीमारी या अस्पताल के खर्च बढ़ सकते हैं। इसलिए पहले से ही पर्याप्त कवर लेना समझदारी है।
सही हेल्थ प्लान चुनने से न सिर्फ हॉस्पिटलाइजेशन का खर्च सुरक्षित रहता है, बल्कि ओपीडी, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का फायदा भी मिलता है। साथ ही, भविष्य में जरूरत पड़ने पर प्रीमियम बढ़ाकर कवर बढ़ाना या टॉप-अप प्लान लेना भी आसान होता है। यानी छोटी उम्र में सही हेल्थ इंश्योरेंस लेने से लंबे समय में हेल्थ और आर्थिक सुरक्षा दोनों मिलती है।
शुरू में कितना हेल्थ इंश्योरेंस जरूरी?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 25 साल की उम्र हेल्थ इंश्योरेंस लेने के लिए बिल्कुल सही है। इस उम्र में प्रीमियम और वेटिंग पीरियड कम रहता है, क्योंकि पहले से मौजूद बीमारियों की संभावना कम होती है। ऐसे में लंबी अवधि के लिए किफायती हेल्थ प्लान आसानी से मिल जाते हैं।
इस उम्र में हेल्थ इंश्योरेंस प्लान लेते समय ध्यान रखें कि प्रीमियम और भविष्य में बढ़ते इलाज खर्चों के बीच तालमेल बना रहे। आमतौर पर कम से कम 10-15 लाख रुपये के बेस कवर की सलाह दी जाती है। इससे आप अचानक आने वाली मेडिकल इमरजेंसी और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं।
युवा पॉलिसीहोल्डर्स सुपर टॉप-अप प्लान लेकर अपनी सुरक्षा और बढ़ा सकते हैं। इसमें बहुत कम अतिरिक्त प्रीमियम देकर 50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये तक का कवरेज लिया जा सकता है। इसके अलावा, कॉर्पोरेट ग्रुप कवर के अलावा व्यक्तिगत पॉलिसी लेना भी जरूरी है, क्योंकि एम्प्लॉयर से मिलने वाले प्लान की कवरेज सीमा अक्सर कम होती है और नौकरी छोड़ने पर यह प्लान बंद हो सकता है।
क्या भविष्य में प्रीमियम बढ़ सकता है?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि हां, समय के साथ कवर बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त प्रीमियम देना होगा। हेल्थकेयर की जरूरतें बढ़ती हैं, इसलिए कवरेज बढ़ाना जरूरी हो जाता है। ज्यादातर कंपनियां रिन्यूअल के समय सम इंश्योर्ड बढ़ाने की अनुमति देती हैं, जो मेडिकल चेकअप और अन्य शर्तों पर निर्भर करता है।
प्रीमियम बढ़ने के कुछ बड़े कारण
प्रीमियम बढ़ने के कुछ मुख्य कारण हैं। सबसे पहला कारण उम्र है जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, बीमारियों की संभावना भी बढ़ती है, जिससे प्रीमियम में इजाफा होता है। दूसरा कारण है मेडिकल इन्फ्लेशन, यानी अस्पताल में भर्ती और दवाइयों का खर्च बढ़ जाना। तीसरा कारण है कवर बढ़ाना या राइडर्स जोड़ना, जैसे मैटरनिटी कवरेज या कन्ज्यूमेबल कवरेज शामिल करना। इन सभी कारकों की वजह से समय के साथ हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम बढ़ सकता है।
शुरुआत में किस तरह का हेल्थ इंश्योरेंस बेहतर?
एक्सपर्ट्स की मानें तो शुरुआत में व्यक्तिगत कॉम्प्रिहेंसिव प्लान लेना सबसे अच्छा है। ये सिर्फ हॉस्पिटलाइजेशन ही नहीं, बल्कि डे-केयर प्रोसीजर, प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन खर्च, पर्सनल एक्सीडेंट और क्रिटिकल इलनेस कवर भी देते हैं। अगर परिवार में अन्य सदस्य भी हैं, तो फैमिली फ्लोटर प्लान किफायती विकल्प हो सकता है। इसमें एक ही सम इंश्योर्ड के तहत सभी सदस्य कवर होते हैं।
25 साल की उम्र में अपनी विवाहित स्थिति और भविष्य की योजना को ध्यान में रखते हुए हेल्थ इंश्योरेंस चुनना चाहिए। सिंगल यानी इंडिविजुअल हेल्थ प्लान सही रहेगा, जिसमें न्यूनतम प्रीमियम पर अधिकतम सुरक्षा मिलती है। वहीं विवाहित या शादी की योजना पर फैमिली फ्लोटर प्लान लेना बेहतर होगा, जिसमें कवरेज सदस्यों के बीच बंटती है और एक ही पॉलिसी में सभी का कवर होता है।
