Dollar Vs Rupee: अमेरिका और ईरान में युद्ध थमने की खबर से आज कच्चे तेल में बड़ी गिरावट है। कच्चा तेल करीब 10% टूटकर 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। कच्चे तेल में गिरावट का फायदा भारतीय रुपये और शेयर बाजार को मिला है। दोनों में आज जबरदस्त मजबूती देखने को मिली है। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के सामने आज 63 पैसे की बढ़त के साथ 95.90 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। वहीं, शेयर बाजार में पिछले पांच दिन से जारी गिरावट थम गई और बीएसई सेंसेक्स में 776 अंक की तेजी आई जबकि एनएसई निफ्टी 228 अंक उछला।
इस कारण रुपये में लौटी तेजी
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में मजबूती और प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में कमजोरी ने भी रुपये को सहारा दिया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 96.18 पर खुला और सत्र में 96.27 के निचले एवं 95.78 के उच्च स्तर तक गया। कारोबार के अंत में यह 95.92 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा। इस तरह पिछले बंद भाव के मुकाबले रुपये में 61 पैसे की मजबूती रही। शुक्रवार को रुपया 20 पैसे की बढ़त के साथ 96.53 पर बंद हुआ था। भारतीय मुद्रा 20 मई को 96.86 प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले बंद स्तर पर रही थी।
करेंसी एक्सपर्ट का क्या है कहना?
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह तक चले तनाव के बाद हमले रुकने से रुपया तीन सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा। चौधरी ने कहा, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर में नरमी से भी रुपये को समर्थन मिला। साथ ही, भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप की खबरों ने भी बाजार को बल दिया। उन्होंने कहा कि डॉलर-रुपये की हाजिर विनिमय दर निकट अवधि में 95.50 से 96.20 के दायरे में रह सकती है।
इस बीच, दुनिया छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.20 प्रतिशत गिरकर 101.09 पर आ गया। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 8.95 प्रतिशत गिरकर 88.12 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
