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What Is Dark Pattern: क्या है 'डार्क पैटर्न' जिससे ऑनलाइन खरीदारों को किया जाता है गुमराह, अब सरकार ने दिखाई सख्ती

Dark Pattern Online Shopping: शॉपिंग के दौरान प्लेटफॉर्म पर सबकुछ नॉर्मल लगता है, मगर वो होता नहीं है। जैसे कि कहीं दिखता है कि स्टॉक खत्म होने वाला है या इसके 2-3 आइटम बचे हैं। ये डार्क पैटर्न का हिस्सा है।

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डार्क पैटर्न ऑनलाइन शॉपिंग

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • डार्क पैटर्न पर सरकार का सख्त कदम
  • जारी किए गए दिशानिर्देश
  • डार्क पैटर्न पर लगेगी रोक

Dark Pattern Online Shopping: आपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े डार्क पैटर्न (Dark Pattern) के बारे में सुना होगा। अगर नहीं सुना तो बता दें कि डार्क पैटर्न ग्राहकों को गुमराह कर उन्हें सही विकल्प चुनने से रोकने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला तरीका है। डार्क पैटर्न में शॉपिंग के दौरान प्लेटफॉर्म पर सबकुछ नॉर्मल लगता है, मगर वो होता नहीं है। जैसे कि कहीं दिखता है कि स्टॉक खत्म होने वाला है या इसके 2-3 आइटम बचे हैं। ये डार्क पैटर्न का हिस्सा है। स्टॉक खत्म होता देख लोग कम जरूरत पर भी उस सामान को खरीद लेते हैं।

मगर अब सरकार ने इसके खिलाफ सख्त कदम उठाया है। देश के प्रमुख उपभोक्ता निगरानी संगठन, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने डार्क पैटर्न की "रोकथाम और रेगुलेशन" के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 18 के तहत जारी किए गए डार्क पैटर्न की रोकथाम और विनियमन, 2023 के लिए दिशानिर्देश, 30 नवंबर को जारी किए गए हैं।

डार्क पैटर्न पर लगेगी रोक

जो दिशानिर्देश अब लागू हो गए हैं वे भारत में सिस्टमैटिकली सामानों या सेवाओं की पेशकश करने वाले सभी प्लेटफार्मों पर लागू होंगे, जिसमें विज्ञापनदाता और विक्रेता शामिल। इन दिशानिर्देशों से डार्क पैटर्न पर रोक लगेगी।

क्या-क्या हैं डार्क पैटर्न

  • फॉल्स अर्जेंसी - जरूरत या कमी की भावना को गलत ढंग से बताना
  • बास्केट स्नीकिंग - यूजर की सहमति के बिना किसी प्लेटफॉर्म से चेकआउट के समय उत्पादों, सेवाओं, डोनेशन के लिए भुगतान या दान जैसी अतिरिक्त चीजों को शामिल करना
  • कन्फर्म शेमिंग - यूजर के मन में डर या शर्म या मजाक उड़ाने या गलती का भाव पैदा करने के लिए शब्द, वीडियो, ऑडियो या किसी अन्य माध्यम का उपयोग करना
  • फोर्स्ड एक्शन - यूजर को किसी वेबसाइट पर विजिट नहीं करने दिया जाता, जब तक कि वह कोई सामान न चुने
  • सब्सक्रिप्शन स्टेटस - सब्सक्रिप्शन के अलग-अलग तरीकों में फंसाना
  • बेट एंड स्विच - इसमें यूजर के पसंदीदा सामान की बजाय कोई और सामान देकर कहा जाता है कि स्टॉक खत्म होने की वजह से दूसरी प्रोडक्ट दिया गया
  • ड्रिप प्राइसिंग - सही रेट न बताना या ऑर्डर करने के बाद रेट का खुलासा करना शामिल है
  • डिस्गाइज्ड एडवर्टाइजमेंट - ऐसे एडवर्टाइजमेंट जो कस्टमर्स को क्लिक कराने की ट्रिक होते हैं
  • ट्रिक क्वेश्चन - शॉपिंग के बीच में पूछा जाता है कि डिस्काउंट और नई चीजों पर अपडेट चाहेंगे? ये भी डार्क पैटर्न है
  • रोग मालवेयर - कोई वायरस आपके कंप्यूटर या मोबाइल में डालना भी डार्क पैटर्न है

आप भी रहें अलर्ट

आपको भी इस तरह की चीजों से अलर्ट रहना चाहिए। ड्राफ्ट दिशानिर्देशों में, केंद्र ने 10 डार्क पैटर्न की सूची दी थी। हालाँकि, अंतिम दिशानिर्देशों में इस लिस्ट को 13 तक बढ़ा दिया गया है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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