SVAMITVA Scheme : भारत सरकार की स्वामित्व योजना ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी संपत्ति अधिकार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पंचायती राज मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, अब तक देश के 1.84 लाख से अधिक गांवों में करीब 3 करोड़ प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस योजना से न केवल भूमि विवाद कम हुए हैं, बल्कि ग्रामीण विकास को भी नई दिशा मिली है। स्वामित्व योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को उनके घर और जमीन का कानूनी स्वामित्व प्रदान करना है। यह नागरिकों को सशक्त बनाता है और पंचायतों की भूमिका को मजबूत करता है। मंत्रालय ने बताया कि योजना के तहत जारी किए गए संपत्ति कार्डों से नागरिकों को अपनी संपत्ति पर अधिकार साबित करने में आसानी होती है, जिससे भूमि संबंधी झगड़े और विवाद कम हुए हैं।
गणतंत्र दिवस पर स्वामित्व योजना की झांकी
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में हुई परेड में पंचायती राज मंत्रालय ने “स्वामित्व: आत्मनिर्भर पंचायत से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत” विषय पर आधारित झांकी प्रस्तुत की। झांकी में यह दिखाया गया कि किस तरह ग्रामीण आवासीय संपत्ति का कानूनी स्वामित्व लोगों को सशक्त बनाता है और पंचायतों को मजबूत करता है। इस परेड में करीब 450 निर्वाचित प्रतिनिधि विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। मंत्रालय के मुताबिक, यह झांकी सरकार द्वारा जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने और नागरिकों की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में उठाए गए कदमों को दर्शाती है।
संपत्ति कार्डों का वितरण और उसका असर
स्वामित्व योजना के तहत अब तक करीब 3 करोड़ संपत्ति कार्ड ग्रामीणों को दिए जा चुके हैं। मंत्रालय ने बताया कि जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना के अंतर्गत संपत्ति कार्ड वितरण की अध्यक्षता की। इसी दिन एक ही अवसर पर 65 लाख ग्रामीण नागरिकों को कानूनी स्वामित्व दस्तावेज प्रदान किए गए। यह वितरण 10 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 50,000 से अधिक गांवों में किया गया। इस अभियान से जनवरी में स्वामित्व योजना के तहत कुल 2.25 करोड़ संपत्ति कार्ड वितरित हो गए। इससे ग्रामीण नागरिकों को अपने घर और जमीन का स्पष्ट अधिकार मिला और स्थानीय पंचायतों को योजनाओं के नियोजित कार्यान्वयन में मदद मिली।
पंचायतों की सुदृढ़ भूमिका और ग्रामीण विकास
पंचायती राज मंत्रालय ने बताया कि स्वामित्व योजना सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप ग्रामीण विकास में पंचायतों की केंद्रीय भूमिका को मजबूत करती है। योजना से ग्रामीण नागरिकों को न केवल कानूनी सुरक्षा मिलती है, बल्कि वे अपने क्षेत्र की योजनाओं और विकास कार्यों में अधिक सक्रिय रूप से भाग ले सकते हैं। मंत्रालय ने नागरिकों को सूचित भागीदारी के तहत गणतंत्र दिवस की झांकियों के लिए “मायगांव पब्लिक पोल” में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इसका मकसद यह है कि लोग सरकारी पहलों की जानकारी प्राप्त करें और उनके प्रभाव को समझें।
स्वामित्व योजना क्या है?
स्वामित्व (SVAMITVA) योजना, पंचायती राज मंत्रालय की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे पायलट चरण (2020–2021) के सफल समापन के पश्चात 9 राज्यों में लागू किए जाने के बाद राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस, 24 अप्रैल 2021 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा पूरे देश में प्रारंभ किया गया। यह योजना ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों (आबादी क्षेत्र) में संपत्तियों के स्पष्ट स्वामित्व की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम है। इसके अंतर्गत ड्रोन प्रौद्योगिकी के माध्यम से भूमि पार्सलों का सर्वेक्षण एवं मानचित्रण किया जाता है तथा ग्राम स्तर पर घरों के मालिकों को अधिकार अभिलेख (Record of Rights) प्रदान किए जाते हैं। इसके साथ ही संपत्ति मालिकों को कानूनी स्वामित्व कार्ड (प्रॉपर्टी कार्ड/टाइटल डीड) जारी किए जाते हैं। इस योजना का क्रियान्वयन पंचायती राज मंत्रालय, राज्य राजस्व विभाग, राज्य पंचायती राज विभाग तथा भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है।
यह योजना अनेक महत्वपूर्ण पहलुओं को सम्मिलित करती है, जैसे संपत्तियों के मुद्रीकरण को सुगम बनाना एवं बैंक लोन की सुविधा प्रदान करना, संपत्ति संबंधी विवादों में कमी लाना, ग्राम स्तर पर समग्र एवं वैज्ञानिक योजना निर्माण को प्रोत्साहित करना। यह योजना वास्तविक अर्थों में ग्राम स्वराज की स्थापना तथा ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधारशिला है।
योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं
- ग्रामीण क्षेत्रों में सटीक भूमि अभिलेखों का निर्माण करना तथा संपत्ति संबंधी विवादों में कमी लाना।
- ग्रामीण नागरिकों को अपनी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में उपयोग करने में सक्षम बनाकर ऋण एवं अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त करने हेतु वित्तीय स्थिरता प्रदान करना।
- संपत्ति कर का निर्धारण करना, जिससे उन राज्यों में जहाँ यह अधिकार ग्राम पंचायतों को प्रदत्त है, वहाँ सीधे ग्राम पंचायतों की आय में वृद्धि हो तथा अन्य राज्यों में राज्य के राजकोष में योगदान हो।
- सर्वेक्षण अवसंरचना एवं GIS मानचित्रों का निर्माण करना, जिनका उपयोग विभिन्न विभाग अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कर सकें।
- GIS मानचित्रों के उपयोग से ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) की बेहतर गुणवत्ता के साथ तैयारी में सहयोग प्रदान करना।
स्वामित्व योजना ग्रामीण जीवन में एक क्रांतिकारी पहल साबित हो रही है। यह योजना न केवल भूमि विवाद कम कर रही है, बल्कि पंचायतों और ग्रामीण नागरिकों को सशक्त बनाकर स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत कर रही है। इस योजना के जरिए भारत सरकार ने यह दिखा दिया है कि ग्रामीण विकास और नागरिक सशक्तिकरण को कैसे एक साथ बढ़ाया जा सकता है।
