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क्या है क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक जिसकी पहली बार नीलामी करने जा रही सरकार, कई सेक्टरों के लिए अहम

Critical Mineral Block Auction: किसी खनिज को क्रिटिकल तब माना जाता है जब सप्लाई की कमी और अर्थव्यवस्था पर उसके प्रभाव का जोखिम दूसरे कच्चे माल (मिनरल आदि) की तुलना में अधिक हो।

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क्रिटिकल खनिज ब्लॉक नीलामी

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KEY HIGHLIGHTS
  • क्रिटिकल खनिजों की होगी नीलामी
  • पहली बार होगी इन खनिजों की नीलामी
  • 30 क्रिटिकल खनिज है लिस्टेड

Critical Mineral Block Auction: सरकार क्रिटिकल खनिजों (Critical Mineral Blocks) की नीलामी का पहला दौर बुधवार 29 नवंबर को शुरू करेगी। इसमें 20 क्रिटिकल खनिज ब्लॉक के लिए बोली आमंत्रित की जाएंगी। आधिकारिक बयान के अनुसार, महत्वपूर्ण खनिजों के ये 20 ब्लॉक देश भर में फैले हैं।

क्रिटिकल मिनरल देश की आर्थिक वृद्धि और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये नीलामी ऑनलाइन और दो चरणों में की जाएगी। टेंडर डॉक्यूमेंट की बिक्री बुधवार से शुरू होगी। आगे जानिए क्या होते हैं ये क्रिटिकल मिनरल।

क्या हैं क्रिटिकल मिनरल

किसी खनिज को क्रिटिकल तब माना जाता है जब सप्लाई की कमी और अर्थव्यवस्था पर उसके प्रभाव का जोखिम दूसरे कच्चे माल (मिनरल आदि) की तुलना में अधिक हो। सरकार द्वारा की जाने वाली खनिज ब्लॉकों की नीलामी की शर्तें, समयसीमा आदि की डिटेल एमएसटीसी ऑक्शन प्लेटफॉर्म पर 29 नवंबर, 2023 को शाम 6 बजे से देखी जा सकती हैं।

कई सेक्टरों के लिए होते हैं अहम

महत्वपूर्ण खनिज या क्रिटिकल मिनरल रिन्यूएबल एनर्जी, रक्षा, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, उच्च तकनीक इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकम्युनिकेशन, ट्रांसपोर्ट और गीगाफैक्ट्री लगाने समेत कई सेक्टरों में अहम भूमिका निभाते हैं।

कौन-कौन से खनिज हैं शामिल

भारत में 30 क्रिटिकल मिनरल हैं। इनमें एंटीमनी, बेरिलियम, बिस्मथ, कोबाल्ट, तांबा, गैलियम, जर्मेनियम, ग्रेफाइट, हेफ़नियम, इंडियम, लिथियम, मोलिब्डेनम, नाइओबियम, निकल, पीजीई, फॉस्फोरस, पोटाश, आरईई, रेनियम, सिलिकॉन, स्ट्रोंटियम, टैंटलम, टेल्यूरियम, टिन, टाइटेनियम, टंगस्टन, वैनेडियम, ज़िरकोनियम, सेलेनियम और कैडमियम शामिल हैं।

हाई रहती है मांग

महत्वपूर्ण और रणनीतिक रूप से आवश्यक इन खनिजों की मांग अधिक रहती है। ऐसे खनिजों की मांग आमतौर पर आयात से पूरी की जाती है। भारत 2030 तक बिजली की कुल स्थापित क्षमता में ग्रीन एनर्जी स्रोतों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ने से इलेक्ट्रिक कार, पवन और सौर ऊर्जा परियोजनाओं और बैटरी स्टोरेज सिस्टम्स की मांग बढ़ेगी। इससे इन महत्वपूर्ण खनिजों की मांग भी बढ़ जाएगी।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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