Circle Rate: एनसीआर के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सर्कल रेट बढ़ सकता है क्योंकि स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने जिला मजिस्ट्रेट को सर्किल दरों को अपडेट करने का प्रस्ताव दिया है, जो पिछले 5 वर्षों से नहीं बदला हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, प्रस्ताव का उद्देश्य आवासीय क्षेत्रों में सर्किल दरों में 25-30%, इंडस्ट्रियल, कॉमर्शियल और आईटी क्षेत्रों में 10% और कृषि योग्य जमीन के मामले में 15% की वृद्धि करना है। जिला मजिस्ट्रेट मनीष वर्मा ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि नए सर्किल दरों की घोषणा दो दिनों में जनता के फीडबैक के लिए की जाएगी। अगर सर्कल रेट बढ़ता है तो प्रॉपर्टी की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
पांच साल से नहीं बदले सर्कल रेट
अपडेट किए गए सर्किल रेट विभिन्न कैटेगरी में प्रॉपर्टी की कीमतों को प्रभावित करेंगे, जिससे खरीदारों को अधिक स्टांप शुल्क (Stamp Duty) देना होगा। सर्किल दरों को आखिरी बार 8 अगस्त 2019 को संशोधित किया गया था। आमतौर पर सर्किल दरों को सालाना संशोधित किया जाता है और 1 अगस्त से लागू किया जाता है। अधिकारियों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि लॉकडाउन की वजहों से रियल एस्टेट सेक्टर में मंदी के कारण 2020 से 2023 तक सर्किल दरें नहीं बदली गईं। इस साल की शुरुआत में गाजियाबाद में, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने दो साल की रोक के बाद आवासीय और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए सर्किल दरों में 15% से 20% की वृद्धि का सुझाव दिया था।
क्या है सर्किल रेट?
सर्किल रेट किसी आवासीय या कॉमर्शियल प्रॉपर्टी को बिक्री या ट्रांसफर के लिए रजिस्टर्ड करने के लिए न्यूनतम कीमत है। यह दर राज्य सरकार या डेवेलपमेंट ऑथरिटी द्वारा निर्धारित की जाती है और एक ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग हो सकती है। सर्किल रेट को रियल एस्टेट बाजार में कृत्रिम रूप से बढ़ी हुई कीमतों और अटकलों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि सर्किल रेट प्रॉपर्टी का वास्तविक बाजार मूल्य नहीं है और यह मौजूदा बाजार दरों से कम हो सकता है। संपत्ति के लेन-देन में पारदर्शिता, निष्पक्षता और मानकीकरण सुनिश्चित करने में सर्किल रेट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सर्किल रेट की गणना और उनके महत्व को समझने से खरीदारों और विक्रेताओं दोनों को रियल एस्टेट बाजार में अधिक प्रभावी ढंग से नेविगेट करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा इस बात का ध्यान रखना कि सर्किल रेट जमीन की कीमतों को कैसे प्रभावित कर सकते हैं, रियल एस्टेट निवेश के बारे में फैसला लेते समय फायदेमंद हो सकता है।
कैसे करें स्टाम्प ड्यूटी की गणना?
किसी प्रॉपर्टी के लिए स्टाम्प ड्यूटी की गणना जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित सर्किल रेट या तीनों डेवेलप ऑथरिटी - नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे - द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में निर्धारित जमीन आवंटन दर के आधार पर की जाती है, जो भी अधिक हो। ये ऑथरिटी आमतौर पर हर 6 महीने से एक साल में अपनी आवंटन दरों को अपडेट करते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक असिस्टेंट जेनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन शशि भानु मिश्रा ने कहा कि स्टाम्प और रजिस्ट्रेशन विभाग ने दरों को संशोधित करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट को एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। 2019 से सर्किल दरें अपरिवर्तित बनी हुई हैं। पिछले कुछ वर्षों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फ्लैटों की कीमत काफी बढ़ गई है। इसकी तुलना में एकत्रित स्टाम्प ड्यूटी जो सर्किल रेट पर आधारित है, बहुत कम है। इस अंतर को कुछ हद तक कम करने के लिए दरों को संशोधित किया जाना चाहिए।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक आप पर इसका क्या असर होगा। नोएडा में आवासीय, कॉमर्शियल, इंडस्ट्रियल और आईटी जैसे क्षेत्रों और कैटेगरी के लिए दरें अलग-अलग होंगी। मान लीजिये नोएडा सेक्टर 14 और 14A में आवासीय प्लॉट की दर करीब 1 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर है, जबकि सेक्टर 19 में यह 80,000 रुपये है। ग्रेटर नोएडा के अल्फा 1, 2 और गामा 2 में सर्किल रेट 40,000 रुपये प्रति वर्गमीटर है।
