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Mule Account क्या होता है? बैंक अकाउंट का गलत इस्तेमाल होने से कैसे बचाएं

अगर आपका कोई पुराना बैंक अकाउंट आप लंबे समय से इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो इससे जुड़ी एक्टिविटी को नजरअंदाज न करें। इस तरह के अकाउंट का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के लिए हो सकता है।

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क्या होता है Mule Account (Photo: iStock)

आज के समय में ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट ने पैसों का लेनदेन आसान कर दिया है, लेकिन इसके साथ साइबर फ्रॉड का खतरा भी बढ़ा है। अब ठग सिर्फ सीधे लोगों के बैंक खातों से पैसे नहीं निकालते, बल्कि उनके अकाउंट का इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने के लिए भी कर रहे हैं। ऐसे बैंक खातों को आमतौर पर ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है। आइए जानते हैं क्या होता है Mule Account और साइबर ठग बैंक अकाउंट को कैसे निशाना बनाते हैं-

क्या होता है Mule Account?

म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक या वित्तीय खाता होता है जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी से हासिल रकम को प्राप्त करने, रखने या दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। कई बार खाताधारक को इसकी जानकारी होती है, लेकिन कुछ मामलों में लोग अनजाने में भी इस जाल में फंस जाते हैं। फर्जी नौकरी, आसान कमाई, निवेश का मौका या कम ब्याज वाले लोन का लालच देकर लोगों से उनके बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करवाया जा सकता है। बदले में कमीशन देने की बात कही जाती है।

भूल कर भी न करें ये काम

अगर कोई व्यक्ति आपसे अपना बैंक अकाउंट ‘किराए’ पर देने या किसी दूसरे व्यक्ति की रकम रिसीव कर आगे ट्रांसफर करने के बदले कमीशन देने की बात करे, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। अपना इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड, OTP, UPI PIN, ATM कार्ड, चेकबुक या SIM भी किसी दूसरे व्यक्ति को न दें। ऐसी एक्टिविटी में शामिल होने पर बैंक अकाउंट फ्रीज हो सकता है और आर्थिक नुकसान के साथ कानूनी परेशानी भी हो सकती है।

पुराने बैंक अकाउंट पर भी रखें नजर

अगर आपका कोई बैंक अकाउंट लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हो रहा है, तो उसे बिना निगरानी के न छोड़ें। नियमित रूप से बैंक स्टेटमेंट, SMS और ईमेल अलर्ट चेक करते रहें। जिस खाते की जरूरत नहीं है, उसे औपचारिक रूप से बंद कराने पर भी विचार किया जा सकता है।

अकाउंट में पैसे आ जाएं तो क्या करें

अगर आपके खाते में अचानक कोई अनजान रकम जमा हो जाती है, तो किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर उसे दूसरे खाते में ट्रांसफर न करें। तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और पूरी जानकारी दें। अगर आपको किसी अनधिकृत ट्रांजैक्शन का पता चलता है, तो बैंक को तुरंत सूचना देने के साथ 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन और National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत करें।

इसके अलावा KYC के नाम पर WhatsApp, SMS या ईमेल से मिले अनजान लिंक पर क्लिक न करें। eKYC या Video KYC हमेशा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप के जरिए ही करें। OTP, UPI PIN या पासवर्ड किसी व्यक्ति को बताने की जरूरत नहीं होती।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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