अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के मौके पर भारतीय बाजारों में सोने की जबरदस्त डिमांड रहती है। हम में से ज्यादातर लोग शोरूम पर जाकर अपनी पसंद की Gold ज्वेलरी चुनते हैं, लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि ज्वेलरी के पीछे बहुत बारीक अक्षरों में कुछ नंबर लिखे होते हैं? जैसे 999, 916 या 750। अक्सर खरीदार इन्हें डिजाइन का हिस्सा या कोई रैंडम कोड मान लेते हैं, जबकि असल में ये नंबर ही तय करते हैं कि आपके गहने में कितना असली सोना है और कितना मिलावट। सोने की शुद्धता को 'कैरेट' (Carat) में मापा जाता है, लेकिन हॉलमार्किंग के नए नियमों के तहत अब इन तीन अंकों के नंबरों का महत्व बढ़ गया है।
999 और 995 का क्या है मतलब?
जब आप सोने का सिक्का या बिस्किट खरीदते हैं, तो अक्सर उस पर '999' लिखा होता है। इसका मतलब है कि वह सोना 24 कैरेट का है और 99.9% शुद्ध है। इसे सबसे शुद्ध सोना माना जाता है, जिसमें मिलावट न के बराबर होती है। इसी तरह '995' का मतलब 99.5% शुद्धता से है। ध्यान रहे कि 24 कैरेट सोने से जटिल ज्वेलरी नहीं बनाई जा सकती क्योंकि यह बहुत नरम होता है। इसलिए, 999 नंबर वाले सोने का इस्तेमाल निवेश के लिए (सिक्के या ईंट के रूप में) सबसे ज्यादा किया जाता है।
ज्वेलरी के पीछे लिखे 916 और 750 का राज
ज्यादातर सोने के गहने 22 कैरेट सोने से बनाए जाते हैं। अगर आपकी ज्वेलरी पर '916' लिखा है, तो इसका मतलब है कि वह 22 कैरेट का सोना है। गणितीय रूप से इसमें 91.6% शुद्ध सोना होता है और बाकी हिस्सा तांबा, जस्ता या अन्य धातुओं का होता है ताकि गहनों को मजबूती दी जा सके। वहीं, 18 कैरेट की ज्वेलरी पर '750' लिखा होता है, जिसका अर्थ है कि उसमें 75% सोना है। अगर आप डायमंड ज्वेलरी खरीद रहे हैं, तो वह अक्सर 18 कैरेट या 14 कैरेट (कोड 585) में बनाई जाती है ताकि हीरे की पकड़ मजबूत बनी रहे।
| सोना (कैरेट) | शुद्धता कोड (Hallmark Code) | शुद्धता (प्रतिशत में) | सबसे ज्यादा उपयोग |
| 24 कैरेट | 999 | 99.9% | सोने के सिक्के और ईंट (Investment) |
| 23 कैरेट | 958 | 95.8% | शुद्धता वाली ज्वेलरी |
| 22 कैरेट | 916 | 91.6% | सामान्य गोल्ड ज्वेलरी (गहने) |
| 18 कैरेट | 750 | 75.0% | डायमंड और स्टोन वाली ज्वेलरी |
| 14 कैरेट | 585 | 58.5% | किफायती और मजबूत ज्वेलरी |
हॉलमार्किंग और HUID का महत्व
आज के समय में सिर्फ नंबर देखना काफी नहीं है। भारत सरकार ने अब 'HUID' (Hallmark Unique Identification) अनिवार्य कर दिया है। यह 6 अंकों का एक अल्फ़ान्यूमेरिक कोड होता है जो हर ज्वेलरी पर अलग होता है। हॉलमार्क का निशान, शुद्धता का कोड (जैसे 22K916) और HUID नंबर, ये तीनों चीजें मिलकर आपको इस बात की गारंटी देती हैं कि आप जो सोना खरीद रहे हैं वह असली है। अक्षय तृतीया पर खरीदारी करते समय हमेशा मैग्निफाइंग ग्लास मांगें और ज्वेलरी के अंदरूनी हिस्से में इन निशानों को गौर से देखें।
