वोडाफोन आइडिया के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली, जब 30 अक्टूबर 2025 को इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान शेयर 12% से ज्यादा टूट गया। यह गिरावट सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद देखने को मिली, जिसमें कंपनी को AGR बकाया मामले में बहुत कम राहत दी गई। कोर्ट ने सरकार को सिर्फ FY 2016-17 तक के ₹9,450 करोड़ के अतिरिक्त बकाए की दोबारा जांच की अनुमति दी है, जबकि बाकी बड़े बकायों पर कोई राहत नहीं मिली।
इस खबर का सीधा असर बाजार में दिखाई दिया और BSE पर वोडाफोन आइडिया का शेयर ₹9.37 से गिरकर ₹8.21 तक आ गया। इसका असर दूसरी टेलीकॉम कंपनियों पर भी पड़ा और भारती एयरटेल के शेयर में भी करीब 1.5% की गिरावट आई।
आर्थिक संकट से गुजर रही कंपनी
वोडाफोन आइडिया इस समय भारी आर्थिक संकट से जूझ रही है। कंपनी पर करीब ₹83,400 करोड़ का AGR बकाया है, जबकि सरकारी देनदारियाँ मिलाकर यह बोझ लगभग ₹2 लाख करोड़ तक पहुंच जाता है। इसके अलावा अन्य कर्ज जोड़कर कंपनी पर कुल कर्ज लगभग ₹1.18 लाख करोड़ है। कंपनी का कहना है कि इतना बड़ा वित्तीय दबाव उसकी सेवाओं और लाखों ग्राहकों पर असर डाल सकता है। वहीं, ब्रोकरेज हाउस एमके ग्लोबल ने भी कंपनी के शेयर पर SELL की रेटिंग बरकरार रखते हुए इसका लक्ष्य मूल्य ₹6 तय किया है।
कैसे निपटेंगी चुनौतियां
हालांकि चुनौतियां बड़ी हैं, फिर भी कंपनी को उम्मीद है कि सरकार भुगतान समय बढ़ाने या कुछ राहत देने जैसे कदम उठा सकती है, जिससे वित्तीय दबाव कम होगा और कंपनी को फंड जुटाने में मदद मिलेगी। अगर सरकार की तरफ से सकारात्मक कदम उठाए जाते हैं, तो वोडाफोन आइडिया की स्थिति और शेयर प्रदर्शन में सुधार संभव है। फिलहाल निवेशक कंपनी के भविष्य को लेकर सतर्क हैं और सुप्रीम कोर्ट के फैसले व सरकारी निर्णयों पर नजर बनाए हुए हैं।
(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)
