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जुलाई में सस्ती हुई वेज-नॉन वेज थाली, अब एक प्लेट की इतनी हो गई कीमत

CRISIL: शाकाहारी थाली की कीमतों में टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों में भारी गिरावट के कारण आई है। इसके अलावा, दालों की कीमतों में सालाना आधार पर14 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में अधिक उत्पादन और स्टॉक के स्तर के कारण है, और चावल की कीमतों में भी चार प्रतिशत की कमी आई है।

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Food Plate (Pic Credit: iStock)

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CRISIL: सब्जियों की कीमतें कुछ कम होने के कारण जुलाई में घर पर बने शाकाहारी के साथ-साथ मांसाहारी भोजन की औसत लागत में कमी आई है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। क्रिसिल इंटेलिजेंस की रोटी-चावल दर रिपोर्ट के अनुसार, शाकाहारी थाली की कीमत सालाना आधार पर 14 प्रतिशत घटकर 28.1 रुपये रह गई, जो पहले 32.6 रुपये थी। हालांकि, मासिक आधार पर इसमें चार प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि जून में यह 27.1 रुपये थी।

मांसाहारी भोजन की कीमतें सालाना आधार पर 13 प्रतिशत और मासिक आधार पर दो प्रतिशत घटकर 53.5 रुपये प्रति प्लेट रह गईं। इसके निदेशक, पुशन शर्मा ने कहा, ‘‘निकट भविष्य में, टमाटर की कीमतों के ऊंचे आधार के कारण थाली की कीमतें सालाना आधार पर कम रहने की उम्मीद है। दालों के अनुमानित अधिक उत्पादन से भी कीमतों में नरमी आने की संभावना है।’’ हालांकि, शर्मा ने कहा कि गिरावट सीमित रह सकती है क्योंकि आलू और प्याज की कीमतें आगे भी स्थिर रहने की उम्मीद है।

इस कारण सस्ती हुई थाली

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक रिपोर्ट में बताया गया है कि शाकाहारी थाली की कीमतों में टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों में भारी गिरावट के कारण आई है। इसके अलावा, दालों की कीमतों में सालाना आधार पर14 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में अधिक उत्पादन और स्टॉक के स्तर के कारण है, और चावल की कीमतों में भी चार प्रतिशत की कमी आई है।

रिपोर्ट कहती है कि टमाटर की कीमतों में 31 प्रतिशत और आलू और प्याज की कीमतों में मामूली वृद्धि के कारण शाकाहारी भोजन की कीमतें मासिक आधार पर बढ़ी हैं। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि मांसाहारी भोजन के मामले में, सब्जियों की कम कीमतों और ब्रॉयलर की कीमतों में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत और मासिक आधार पर नौ प्रतिशत की गिरावट ने मदद की।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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