Vedanta demerger: वेदांता लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के नेतृत्व में कंपनी ने अपने शेयरधारकों और लेनदारों के साथ 18 फरवरी को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में कंपनी के प्रस्तावित डिमर्जर को 99.9987% शेयरधारकों, 99.5900% सुरक्षित लेनदारों और 99.9588% असुरक्षित लेनदारों का समर्थन मिला। इस योजना के तहत, वेदांता लिमिटेड को पाँच अलग-अलग कंपनियों में विभाजित किया जाएगा।
डिमर्जर योजना का पूरा विवरण
वेदांता लिमिटेड की यह पुनर्गठन योजना के तहत निम्नलिखित पांच कंपनियाँ बनाई जाएँगी इनमें
- वेदांता लिमिटेड (मौजूदा सूचीबद्ध कंपनी)
- वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड
- वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड
- वेदांता पावर
- वेदांता स्टील एंड फेरस मैटेरियल्स
शेयरधारकों को मिलेंगे नए शेयर
इस डिमर्जर प्रक्रिया के अनुसार, वेदांता लिमिटेड के प्रत्येक शेयरधारक को उनके मौजूदा 1 शेयर पर चार नई कंपनियों के शेयर भी मिलेंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह से एक वर्टिकल स्प्लिट होगी, जिससे सभी निवेशकों को समान अवसर मिलेगा।
2025 की पहली तिमाही में पूरा होगा डिमर्जर
अनिल अग्रवाल ने दिसंबर 2024 में ET NOW को दिए एक विशेष साक्षात्कार में बताया था कि डिमर्जर की प्रक्रिया 2025 की पहली तिमाही में पूरी होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इन सभी व्यवसायों की मांग मजबूत बनी हुई है और निवेशकों को अच्छे लाभ की उम्मीद है।
शेयर बाजार में वेदांता का प्रदर्शन
इस घोषणा के बाद वेदांता के शेयरों में हल्की वृद्धि देखी गई। शुक्रवार को बीएसई पर कंपनी का शेयर 1% की बढ़त के साथ ₹438.05 प्रति शेयर पर बंद हुआ। बीते एक हफ्ते में वेदांता के शेयर 6% बढ़ चुके हैं।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
