अमेरिका की बढ़ेगी टेंशन, भारत का चीन को निर्यात दिसंबर में जोरदार 67.35% उछला, इन चीजों की जोरदार डिमांड
- Authored by: रिचा त्रिपाठी
- Updated Jan 16, 2026, 11:12 AM IST
दिसंबर 2025 में भारत और चीन के बीच कारोबार ने सबको चौंका दिया। चीन को भारत का निर्यात एक ही महीने में 67.35% उछल गया, जिससे ट्रेड समीकरणों में हलचल मच गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर समुद्री उत्पादों तक, कई भारतीय सामानों की चीन में जबरदस्त डिमांड देखी जा रही है, जिसने अमेरिका समेत वैश्विक बाजारों की टेंशन बढ़ा दी है।
India China trade
दिसंबर 2025 में भारत और चीन के बीच व्यापार को लेकर एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। भारत के चीन को होने वाले निर्यात में इस महीने जबरदस्त 67.35 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वाणिज्य मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में चीन को भारत का कुल निर्यात बढ़कर 2.04 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। यह उछाल ऐसे समय में आया है, जब दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर रिश्ते पूरी तरह सहज नहीं माने जाते।
इन चीजों की बढ़ी डिमांड
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस तेज बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह कुछ खास सेक्टर्स में निर्यात का मजबूत प्रदर्शन रहा। इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि और समुद्री उत्पादों के साथ-साथ कुछ मेटल्स की चीन में मांग अचानक बढ़ी है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह वृद्धि भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत है और यह दिखाती है कि भारतीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बना रहे हैं।
अगर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की बात करें, तो इसमें सबसे बड़ा योगदान पॉप्युलेटेड प्रिंटेड सर्किट बोर्ड यानी PCB, फ्लैट पैनल डिस्प्ले मॉड्यूल और टेलीफोनी से जुड़े इलेक्ट्रिकल उपकरणों का रहा है। इसके अलावा टेलीकॉम उपकरणों की भी चीन में अच्छी मांग देखने को मिली। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में जो प्रगति की है, उसका असर अब निर्यात आंकड़ों में भी साफ नजर आने लगा है।
भारत ने भेजी ये चीजें
कृषि और समुद्री उत्पादों के निर्यात ने भी इस बढ़ोतरी में अहम भूमिका निभाई। चीन को भेजी जाने वाली सूखी मिर्च, मूंग यानी ग्रीन ग्राम और ऑयल मील्स की मांग में अच्छी तेजी आई है। वहीं समुद्री उत्पादों में ब्लैक टाइगर झींगा और वन्नामेई झींगा के निर्यात में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके अलावा मसाले, एल्युमिनियम और रिफाइंड कॉपर बिलेट्स जैसे उत्पादों का निर्यात भी बढ़ा है।
अगर पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल से दिसंबर के आंकड़ों पर नजर डालें, तो चीन को भारत का कुल निर्यात 36.7 प्रतिशत बढ़कर 14.24 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर, चीन से भारत का आयात भी बढ़ा है। इसी अवधि में चीन से आयात 13.46 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 95.95 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इस वजह से भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा अब भी काफी बड़ा बना हुआ है, जो करीब 81.71 अरब डॉलर है।
अमेरिका की बढ़ेगी टेंशन
भारत-चीन व्यापार के व्यापक संदर्भ में देखें तो चीन, अमेरिका के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। बीते कुछ वर्षों में भारत ने चीन के बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश की है, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, पेट्रोलियम उत्पादों और कृषि एवं समुद्री उत्पादों के क्षेत्र में। हालांकि निर्यात में तेजी के बावजूद, आयात के मुकाबले भारत का निर्यात अभी भी काफी कम है, जिससे व्यापार घाटा लगातार बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिसंबर में आई यह तेज निर्यात वृद्धि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों का असर दिखाती है। इसके साथ ही यह भी संकेत मिलता है कि वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका धीरे-धीरे मजबूत हो रही है। खासतौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स और समुद्री उत्पादों जैसे सेक्टर्स में अगर यही रफ्तार बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में चीन को भारत का निर्यात और बढ़ सकता है।
वाणिज्य मंत्रालय के ताजा आंकड़े बताते हैं कि चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से नवंबर के बीच ही चीन को भारत का निर्यात 33 प्रतिशत बढ़कर 12.22 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। यह रुझान भारत-चीन द्विपक्षीय व्यापार में एक संरचनात्मक बदलाव की ओर इशारा करता है, जहां चीन के साथ व्यापार में भारत के निर्यात की भूमिका धीरे-धीरे पहले से ज्यादा मजबूत होती नजर आ रही है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। बिज़नेस (Business News) अपडेट और आज का सोने का भाव (Gold Rate Today), आज की चांदी का रेट (Silver Rate Today) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।