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अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में नहीं बनी बात, शुल्क मुद्दे पर आज फिर होगी बातचीत

US China Import Duties: अमेरिका और चीन के बीच शुल्क विवाद पर जिनेवा में 10 घंटे चली वार्ता बेनतीजा रही, लेकिन रविवार को फिर से बातचीत होगी। ट्रंप ने चीन पर शुल्क घटाने का संकेत दिया, जिससे वैश्विक बाजारों को स्थिरता मिल सकती है।

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अमेरिका चीन व्यापार वार्ता 2025

Photo : AP

अमेरिका और चीन के बीच शुल्क विवाद पर संवेदनशील वार्ता शनिवार को 10 घंटे तक चली, लेकिन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट और चीन के उपप्रधानमंत्री हे लाइफेंग के बीच जिनेवा में यह बैठक हुई थी। अब यह वार्ता रविवार को फिर से शुरू की जाएगी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि इस बातचीत का मकसद अमेरिका-चीन व्यापार तनाव को कम करके वैश्विक बाजारों को स्थिर करना है। हालांकि, वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने मीडिया से कोई बात नहीं की और गोपनीयता बनाए रखी।

व्यापार युद्ध के बीच दोनों पक्षों में शुल्क कटौती की संभावना

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर, उपप्रधानमंत्री हे लाइफेंग के नेतृत्व वाले चीनी प्रतिनिधिमंडल से स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में मिले। दोनों देशों के राजनयिकों ने भी इस बैठक की पुष्टि की।

विशेषज्ञों का मानना है कि वार्ता से भले ही कोई बड़ा समझौता न हो, लेकिन दोनों देश आयात शुल्क में कुछ कटौती पर सहमत हो सकते हैं, जिससे वैश्विक व्यापार और वित्तीय बाजारों को राहत मिल सकती है।

ट्रंप ने दिया शुल्क कम करने का संकेत, बाजार खोलने की अपील

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को चीन पर लगने वाले आयात शुल्क को घटाकर 80% करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, “चीन पर 80 प्रतिशत शुल्क सही रहेगा!” इसके साथ ही ट्रंप ने चीन से अमेरिकी वस्तुओं के लिए अपने बाजार खोलने का अनुरोध किया।

यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिकी उपभोक्ताओं पर महंगे आयात शुल्क के असर को लेकर चिंता बढ़ रही है। मौजूदा स्थिति में चीन से आने वाले उत्पादों पर अमेरिका 145% शुल्क वसूल रहा है, जबकि चीन ने अमेरिकी सामानों पर 125% शुल्क लगाया हुआ है।

शुल्क कटौती से वैश्विक कंपनियों को मिल सकती है राहत

अगर अमेरिका और चीन शुल्क कम करने पर सहमति जताते हैं, तो इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर बने तनाव में कुछ कमी आ सकती है। साथ ही उन कंपनियों को भी राहत मिलेगी जो अमेरिका-चीन व्यापार पर निर्भर हैं।

यह वार्ता ऐसे समय पर हो रही है जब वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है और निवेशक स्थिरता की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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