Budget 2026 में सरकार ने People Centric Development को विकास की धुरी बनाते हुए रोजगार, उद्यमिता, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई अहम ऐलान किए हैं। इसका मकसद आर्थिक विकास को सीधे लोगों के जीवन स्तर से जोड़ना और समावेशी प्रगति को गति देना है। सरकार एक मजबूत Care Ecosystem तैयार करने पर काम कर रही है, जिसके तहत जेरियाट्रिक और अलाइड केयर सर्विसेज को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए 1.5 लाख मल्टी-स्किल्ड केयरगिवर्स को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे बुजुर्गों और जरूरतमंदों को बेहतर देखभाल मिल सके।
महिलाओं को नए अवसर मिलेंगे
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए Self-Help Entrepreneur (SHE) Marts की घोषणा की गई है। ये कम्युनिटी-ओन्ड रिटेल आउटलेट्स होंगे, जिन्हें सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स के जरिए क्लस्टर स्तर पर विकसित किया जाएगा। इससे महिलाओं को उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे।
दिव्यांगजनों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा
दिव्यांगजनों के लिए दिव्यांग कौशल योजना के तहत उद्योग-आधारित रोजगार के अवसर और उनकी जरूरतों के मुताबिक विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं दिव्यांग सहारा योजना के जरिए सभी पात्र लोगों को उच्च गुणवत्ता वाले असिस्टिव डिवाइस उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही, आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (ALIMCO) को सहयोग देकर असिस्टिव डिवाइस के उत्पादन, रिसर्च और AI इंटीग्रेशन को बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकार PM दिव्यांश केंद्रों को आधुनिक रिटेल-स्टाइल सेंटर्स के रूप में विकसित करेगी, ताकि दिव्यांगजनों को एक ही जगह बेहतर सुविधाएं मिल सकें। मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में NIMHANS-2 की स्थापना और रांची व तेजपुर में नेशनल मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट्स के अपग्रेडेशन की घोषणा की गई है। इसके अलावा, जिला अस्पतालों में Emergency और Trauma Care Centers स्थापित किए जाएंगे।
व्यापार और कस्टम प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने पर जोर
वहीं Trust Based Governance के तहत व्यापार और कस्टम्स प्रक्रियाओं को आसान और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है। सरकार ने Authorized Economic Operator (AEO) प्रोग्राम के तहत ड्यूटी-डिफरल अवधि को 2 से बढ़ाकर 3 साल करने का फैसला किया है, जबकि एलिजिबल मैन्युफैक्चरर-इंपोर्टर्स के लिए इसे 5 साल तक बढ़ाया जाएगा।
कस्टम्स वेयरहाउसिंग फ्रेमवर्क को वेयरहाउस ऑपरेटर-सेंट्रिक सिस्टम में बदला जाएगा, जहां सेल्फ-डिक्लेरेशन की सुविधा होगी। ट्रस्टेड इंपोर्टर द्वारा Bill of Entry फाइल करने पर सामान की तत्काल क्लियरेंस मिलेगी। साथ ही, एडवांस रूलिंग की वैधता 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है, जिससे व्यापारिक अनिश्चितता कम होगी। कुल मिलाकर, Budget 2026 में लोगों के केंद्र में रखकर विकास और भरोसे पर आधारित शासन व्यवस्था को मजबूत करने की स्पष्ट झलक मिलती है, जो भारत की विकास यात्रा को और समावेशी बनाएगी।
