डिजिटल पेमेंट और यूपीआई (UPI) के इस दौर में हमारे लेनदेन बहुत आसान हो गए हैं, लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगी के तरीके भी उतनी ही तेजी से बदल रहे हैं। अक्सर लोग अपने बैंक खाते में अचानक आए अनजान पैसों को अपनी किस्मत या खुशकिस्मती मान लेते हैं, लेकिन देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने एक बेहद जरूरी चेतावनी जारी की है। बैंक के मुताबिक, ऐसा करना आपको बहुत भारी पड़ सकता है क्योंकि साइबर ठगों ने अब लोगों को फंसाने के लिए एक बेहद शातिराना तरीका निकाला है, जिसे 'जम्पड डिपॉजिट स्कैम' (Jumped Deposit Scam) कहा जा रहा है। इस फ्रॉड की सबसे खतरनाक बात यह है कि इसमें ठग किसी तकनीकी खामी का नहीं, बल्कि आपकी ईमानदारी और दूसरों की मदद करने की भावना को ही अपना सबसे बड़ा हथियार बना रहे हैं।
कैसे झांसे में फंसते हैं लोग?
इस नए साइबर फ्रॉड का काम करने का तरीका पहली नजर में बेहद साधारण और सच्चा दिखाई देता है, ताकि कोई भी आम इंसान आसानी से इनके झांसे में आ जाए। इस खेल की शुरुआत तब होती है जब स्कैमर सबसे पहले आपके बैंक या यूपीआई खाते में एक छोटी रकम जैसे 10, 50, 100 या 1000 रुपए ट्रांसफर कर देता है। पैसे आने के कुछ ही देर बाद आपके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन या मैसेज आता है। फोन करने वाला व्यक्ति आपसे बेहद मिन्नतें करेगा और भावनात्मक रूप से दबाव बनाने की कोशिश करेगा। ठग अक्सर इस तरह के बहाने बनाते हैं जैसे "यह मेरे बच्चे की स्कूल फीस के पैसे थे जो गलती से आपके नंबर पर आ गए", "मरीज अस्पताल में भर्ती है और इलाज के पैसे गलत नंबर पर चले गए" या "यह बहुत जरूरी पैसे हैं, प्लीज इन्हें वापस कर दीजिए।"
जब आप सामने वाले की ऐसी बातें सुनकर भावुक हो जाते हैं और पैसे लौटाने के लिए तैयार होते हैं, तभी इस स्कैम का सबसे बड़ा धोखा शुरू होता है। पैसे वापस मांगने के नाम पर स्कैमर आपको सीधे पैसे भेजने के लिए कहने के बजाय आपके यूपीआई ऐप पर एक 'UPI Payment Request' भेज देता है। देश में कई लोग अब भी डिजिटल पेमेंट के नियमों से पूरी तरह वाकिफ नहीं हैं और वे यह समझ बैठते हैं कि इस रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट करने से उनके पास आए हुए पैसे वापस चले जाएंगे। लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। जैसे ही आप उस रिक्वेस्ट को बिना जांचे स्वीकार करते हैं और अपना गोपनीय यूपीआई पिन डालते हैं, आपके खाते से वह छोटी रकम नहीं, बल्कि हजारों या लाखों रुपये की एक बड़ी राशि तुरंत कट जाती है और पल भर में आपका पूरा बैंक अकाउंट खाली हो जाता है।
पुराने पैंतरे छोड़ ऐसे हो रही स्कैंमिंग
पहले के समय में साइबर अपराधी ओटीपी (OTP), केवाईसी (KYC) अपडेट या फर्जी लिंक भेजकर लोगों को अपना शिकार बनाते थे, लेकिन अब वे जानते हैं कि लोग सतर्क हो चुके हैं। इसलिए उन्होंने लोगों की मदद करने की आदत का फायदा उठाना शुरू कर दिया है, जिससे पीड़ित व्यक्ति को शुरुआत में लगता है कि वह किसी की भलाई कर रहा है, जबकि वास्तव में वह खुद एक सोची-समझी ठगी का शिकार बन रहा होता है। यही वजह है कि यह नया स्कैम बहुत तेजी से पैर पसार रहा है।
SBI का क्या है कहना?
इस बढ़ते खतरे को देखते हुए एसबीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो जारी कर अपने ग्राहकों को कुछ बेहद जरूरी सुरक्षा नियम बताए हैं। बैंक का साफ कहना है कि यदि आपके खाते में अचानक कोई अनजान पैसा आता है, तो उस व्यक्ति को सीधे पैसे वापस भेजने की गलती कभी न करें और न ही उसके कॉल या मैसेज पर भरोसा करें। ऐसे संदिग्ध नंबरों को तुरंत ब्लॉक कर दें और बिना सोचे-समझे किसी भी यूपीआई रिक्वेस्ट को कभी स्वीकार न करें। इस तरह की किसी भी घटना की सूचना तुरंत अपने बैंक को दें। इसके अलावा एसबीआई ने यह भी जानकारी दी है कि बैंक की तरफ से किए जाने वाले आधिकारिक कम्युनिकेशन्स के लिए '1600' सीरीज से शुरू होने वाले नंबरों का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए, 1600 सीरीज से आने वाले कॉल्स और जरूरी अलर्ट्स पर हमेशा ध्यान दें और अज्ञात नंबरों से आने वाले किसी भी दबाव वाले कॉल से पूरी तरह सावधान रहें।
