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ET Now GBS 2025: समुद्री केबलों की जरूरत और मरम्मत, ग्लोबल बिजनेस समिट में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सब बताया

डिजिटल क्षेत्र में भारत की स्थिति के मजबूती के बारे में बात करते हुए केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने समुद्र के भीतर मौजूद इंटरनेट केबल नेटवर्क और भारत की इन्वेस्टमेंट के बारे में बातचीत की। समुद्र के भीतर मौजूद इन केबल्स को सबमरीन केबल भी कहा जाता है। इनकी आवश्यकता के बारे में बात करते हुए केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ने कहा ‘ग्लोबल स्तर पर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए समुद्र के भीतर मौजूद ये केबल बेहद जरूरी हैं।’

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समुद्री केबलों की जरूरत और मरम्मत, ग्लोबल बिजनेस समिट में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सब बताया

Photo : Times Now Digital

ET Now Global Business Summit 2025: देश की राजधानी दिल्ली में आज ET नाउ द्वारा ग्लोबल बिजनेस समिट के 9 वें एडिशन का आयोजन किया गया है। इस दौरान “Evolve, Emerge, Expand” के विषय पर देश भर के दिग्गज बिजनेस लीडर्स, विचारकों और केंद्रीय मंत्रियों ने अपने विचार प्रकट किये। मौजूदा समय में किसी भी देश की प्रगति के लिए डिजिटल रूप से मजबूती प्राप्त करना बेहद आवश्यक है। डिजिटल क्षेत्र में भारत की स्थिति के मजबूती के बारे में बात करते हुए केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने समुद्र के भीतर मौजूद इंटरनेट केबल नेटवर्क और भारत की इन्वेस्टमेंट के बारे में बातचीत की।

क्यों जरूरी है समुद्री केबल?

समुद्र के भीतर मौजूद इन केबल्स को सबमरीन केबल भी कहा जाता है। इनकी आवश्यकता के बारे में बात करते हुए केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ने कहा ‘ग्लोबल स्तर पर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए समुद्र के भीतर मौजूद ये केबल बेहद जरूरी हैं। भारत में समुद्र के भीतर मौजूद इन केबलों के लिए मल्टिपल स्टेशन बने हुए हैं जिनकी देखरेख विशेष रूप से प्राइवेट और कुछ सरकारी कंपनियों के द्वारा की जाती है।’

समुद्री केबल और मुश्किल

समुद्री केबल जितनी आवश्यक हैं उतनी ही संवेदनशील भी हैं। इस बारे में बात करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा ‘लेकिन समुद्र के भीतर मौजूद केबल्स के साथ एक प्रमुख समस्या ये है कि बार-बार उनकी मरम्मत करनी पड़ती है क्योंकि ये टूट जाती हैं। इनकी मरम्मत के लिए बहुत पैसा खर्च करना पड़ता है क्योंकि इसके लिए विशेष किस्म के उपकरणों की जरूरत पड़ती है।’ आपको बता दें कि हाल ही में अपने अमरीकी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्र के भीतर मौजूद केबल्स की देखरेख और मरम्मत के लिए भारत को इच्छुक बताया है।

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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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