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लोन की EMI नहीं भर पा रहे? रिकवरी एजेंट के फोन आने से पहले जान लें अपने अधिकार

नौकरी छूटने, बीमारी या अचानक बड़े खर्च के कारण अगर आप लोन की EMI नहीं भर पा रहे हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बैंक बकाया मांग सकता है, लेकिन रिकवरी एजेंट आपको धमका या अपमानित नहीं कर सकता।

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रिकवरी एजेंट के फोन आने से पहले जान लें अपने अधिकार

अगर किसी वजह से आपकी लोन की किस्त समय पर जमा नहीं हो पाती, तो बैंक या वित्तीय संस्था आपसे बकाया रकम मांग सकती है। लगातार EMI नहीं भरने पर अतिरिक्त शुल्क लग सकता है, क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है और बैंक लोन की वसूली के लिए कानूनी कदम भी उठा सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि रिकवरी एजेंट आपके साथ मनमानी कर सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वसूली के दौरान ग्राहकों को धमकाने, परेशान करने और उनकी निजता में दखल देने जैसे व्यवहार पर रोक लगाई है।

रिकवरी एजेंट आपको धमका नहीं सकता

बैंक या उसकी ओर से नियुक्त रिकवरी एजेंसी को बकाया रकम वसूलने का अधिकार है, लेकिन एजेंट गाली-गलौज, धमकी, डराने या शारीरिक दबाव का इस्तेमाल नहीं कर सकता। वह आपको सार्वजनिक रूप से अपमानित नहीं कर सकता और न ही आपके परिवार, दोस्तों या सहकर्मियों को परेशान करके भुगतान के लिए दबाव बना सकता है। बार-बार फोन करके परेशान करना, धमकी भरे संदेश भेजना या गलत जानकारी देकर डराना भी स्वीकार्य वसूली प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है। बैंक अपनी वसूली का काम किसी एजेंसी को सौंप दे, तब भी एजेंट के व्यवहार की जिम्मेदारी बैंक या संबंधित वित्तीय संस्था की रहती है।

किस समय फोन कर सकता है रिकवरी एजेंट?

RBI के 2022 के निर्देशों के मुताबिक, बकाया लोन की वसूली के लिए एजेंट सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद फोन नहीं कर सकते। अगर कोई एजेंट देर रात या सुबह-सुबह लगातार कॉल करता है, तो उसकी कॉल डिटेल और संदेश सुरक्षित रखें। जरूरत पड़ने पर बैंक में शिकायत करते समय ये सबूत काम आ सकते हैं।

घर आए तो एजेंट से क्या मांगें?

अगर रिकवरी एजेंट आपके घर आता है, तो उसकी पहचान जरूर जांचें। उससे पहचान पत्र और बैंक या वित्तीय संस्था की ओर से जारी अधिकृत पत्र दिखाने को कहें। किसी अनजान व्यक्ति को केवल दबाव में आकर नकद भुगतान न करें। भुगतान हमेशा बैंक के आधिकारिक माध्यम से करें और उसकी रसीद सुरक्षित रखें। अगर लोन या बकाया रकम की जानकारी गलत लगती है, तो बैंक से लिखित विवरण मांगें।

अगर EMI नहीं भर पा रहे हैं तो क्या करें?

किस्त चुकाना मुश्किल हो रहा है, तो बैंक से संपर्क करने में देरी न करें। अपनी आर्थिक स्थिति बताकर भुगतान की नई व्यवस्था, लोन पुनर्गठन या उपलब्ध दूसरे विकल्पों पर बात करें। ये सुविधाएं बैंक की नीति और आपकी स्थिति पर निर्भर करती हैं। अगर रिकवरी एजेंट बदसलूकी करता है, तो कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और अन्य सबूत संभालकर बैंक के शिकायत अधिकारी को लिखित शिकायत दें। बैंक से समाधान न मिले, तो पात्र मामलों में RBI की शिकायत व्यवस्था का सहारा लिया जा सकता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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