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ट्रंप की 'वार पॉलिसी' कर गई बैकफायर, बेकाबू हुई महंगाई; हवाई टिकट से लेकर पेट्रोल-डीजल तक सब महंगा!

न्यूयॉर्क की विश्लेषक रैशल जिएम्बा ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि अमेरिका इससे बच पाएगा। ये वैश्विक बाजार है। वाशिंगटन पोस्ट’ ने जिएम्बा के हवाले से लिखा कि एक सप्ताह पहले भी विशेषज्ञ चिंतित थे, अब उनकी चिंता और बढ़ गई है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर हमला करना अब उल्टा पड़ता दिख रहा है। अमेरिका में महंगाई तेजी से बढ़ने लगी है। बता दें कि ईरान के खिलाफ युद्ध ने अमेरिकियों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने अपनी डिलिवरी पर ईंधन अधिभार की घोषणा की है और कुछ एयरलाइन कंपनियों ने ईंधन की ऊंची लागत की भरपाई के लिए ’चेक-इन बैगेज’ पर शुल्क बढ़ा दिया है। अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत शुक्रवार को 4.09 अमेरिकी डॉलर प्रति गैलन पर पहुंच गई है। यह युद्ध से ठीक पहले की तुलना में एक डॉलर से अधिक है और अगस्त, 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है।

डीजल की लागत भी पिछले साल के 3.64 डॉलर प्रति गैलन से बढ़कर शुक्रवार को 5.53 डॉलर प्रति गैलन हो गई है। ये आंकड़े अमेरिकी परिवहन संघ (एएए) ने जारी किए हैं। डीजल का अन्य उद्योगों के अलावा व्यापक रूप से कृषि, निर्माण और परिवहन क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाता है।

अमेरिकी डाक सेवा ने दिया झटका

ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेजन ने यह भी कहा कि वह 17 अप्रैल से तीसरा पक्ष विक्रेताओं पर 3.5 प्रतिशत ईंधन अधिभार जोड़ने की योजना बना रही है। अमेरिकी डाक सेवा ने बुधवार को कहा कि वह अस्थायी रूप से आठ प्रतिशत का ईंधन अधिभार लगाने की कोशिश कर रही है। डाक सेवा ने अपनी वेबसाइट पर दी जानकारी में कहा कि अगर डाक नियामक आयोग द्वारा मंजूरी दी जाती है, तो यह अधिभार 26 अप्रैल से लागू होगा और 17 जनवरी, 2027 तक जारी रहेगा। माना जा रहा है कि अगर ईरान के खिलाफ युद्ध लंबा खिंचता है, तो यह अमेरिका में आपूर्ति श्रृंखला में भी व्यवधान पैदा करेगा।

अभी महंगाई और बढ़ेगी

न्यूयॉर्क की विश्लेषक रैशल जिएम्बा ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि अमेरिका इससे बच पाएगा। ये वैश्विक बाजार है। वाशिंगटन पोस्ट’ ने जिएम्बा के हवाले से लिखा कि एक सप्ताह पहले भी विशेषज्ञ चिंतित थे, अब उनकी चिंता और बढ़ गई है। शिकॉगो के फेडरल रिजर्व बैंक के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी ने कहा कि अगर परिवहन लागत बढ़ना शुरू होती है, तो यह अन्य कीमतों पर भी असर दिखाएगी। उन्होंने कहा कि तो मुझे लगता है कि यह निकट भविष्य में आप उपभोक्ताओं पर इसके असर को महसूस करेंगे। लोग पहले से ही जीवनयापन की बढ़ती लागत को लेकर चिंतित हैं।’’

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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