दुनिया की सबसे मूल्यवान टेक कंपनी एपल (Apple) में एक बड़े युग का अंत होने जा रहा है। दिग्गज सीईओ टिम कुक (Tim Cook) ने अपने पद से हटने का फैसला किया है, जिसके बाद वह कंपनी के 'एग्जीक्यूटिव चेयरमैन' की भूमिका निभाएंगे। उनकी जगह अब जॉन टर्नस कंपनी के नए सीईओ होंगे। टिम कुक ने जब 2011 में स्टीव जॉब्स के बाद कंपनी की कमान संभाली थी, तब कई लोगों को संदेह था कि क्या वह जॉब्स की लेगेसी को आगे बढ़ा पाएंगे। लेकिन पिछले 15 सालों के आंकड़े गवाह हैं कि टिम कुक ने न केवल एपल को संभाला, बल्कि उसे एक ऐसी ऊंचाई पर पहुँचा दिया जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल था।
$350 बिलियन से $4 ट्रिलियन का सफर
जब टिम कुक ने कार्यभार संभाला था, तब एपल की मार्केट वैल्यू लगभग 350 बिलियन डॉलर थी। आज जब वह पद छोड़ रहे हैं, तब कंपनी 4 ट्रिलियन डॉलर (करीब 333 लाख करोड़ रुपये) के आंकड़े को छू रही है। यह किसी भी कंपनी के इतिहास में सबसे बड़ी ग्रोथ में से एक है। कुक के नेतृत्व में एपल सिर्फ एक फोन बनाने वाली कंपनी नहीं रही, बल्कि इसने सर्विसेज, वियरेबल्स (एपल वॉच, एयरपॉड्स) और क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में भी अपना परचम लहराया। उनके कार्यकाल में एपल दुनिया की पहली 1, 2, 3 और फिर 4 ट्रिलियन डॉलर वाली कंपनी बनी।
निवेशकों की चांदी, 21 गुना बढ़ा पैसा
टिम कुक के कार्यकाल की सबसे बड़ी सफलता उनका 'शेयरहोल्डर-फ्रेंडली' रवैया रहा है। उनकी लीडरशिप में एपल के स्टॉक ने निवेशकों को 21 गुना (2100% से ज्यादा) का शानदार रिटर्न दिया है। सरल भाषा में समझें तो यदि किसी निवेशक ने कुक के सीईओ बनने के समय एपल में 1 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसकी वैल्यू बढ़कर 21 लाख रुपये से ज्यादा हो चुकी होती। भारी मात्रा में शेयर बायबैक और नियमित डिविडेंड (लाभांश) के जरिए उन्होंने निवेशकों की जेबें जमकर भरी हैं, यही कारण है कि वॉल स्ट्रीट पर टिम कुक को सबसे भरोसेमंद सीईओ माना जाता है।
आईफोन से आगे का विजन
कुक की सबसे बड़ी उपलब्धि 'आईफोन' पर निर्भरता को कम करना और नए प्रोडक्ट्स को ग्लोबल हिट बनाना रहा। उन्होंने Apple Watch लॉन्च की, जो आज दुनिया की नंबर-1 घड़ी है। उन्होंने AirPods पेश किए, जिसने पूरे वायरलेस ऑडियो मार्केट को बदल दिया। इसके अलावा, एपल म्यूजिक, आईक्लाउड और ऐप स्टोर जैसे 'सर्विसेज' सेगमेंट को उन्होंने एक अलग ही लेवल पर पहुँचाया। आज एपल की सर्विसेज कैटेगरी अकेले इतनी बड़ी है कि वह फॉर्च्यून 500 की कई बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ सकती है।
जॉन टर्नस के लिए चुनौतियां
टिम कुक अब एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में मार्गदर्शन करेंगे, जबकि जॉन टर्नस, जो अब तक एपल के हार्डवेयर इंजीनियरिंग के प्रमुख थे, नए सीईओ की जिम्मेदारी संभालेंगे। टर्नस के सामने चुनौती टिम कुक द्वारा सेट किए गए इस हाई स्टैंडर्ड को बनाए रखने की होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में एपल को नई दिशा देना और टिम कुक के 15 साल के इस भरोसे को कायम रखना टर्नस की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
