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PPF से अधिक Post Office की इन 6 सेविंग स्कीम पर मिल रहा ज्यादा ब्याज, बैंक FD भी काफी पीछे

Post Office Small Savings Schemes: अगर आप निवेश पर बिल्कुल जोखिम नहीं लेना चाहते और गारंटीड रिटर्न चाहते हैं तो पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीम बेहतर विकल्प हो सकता है। हम आपको बेस्ट स्कीम के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

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पोस्ट ऑफिस की स्कीम

Post Office Small Savings Schemes: देशभर के लाखों निवेशक Post Office की सेविंग स्कीम, बैंक FD और PPF में निवेश करते हैं। लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि डाकघर की किस बचत स्कीम पर सबसे अधिक ब्याज मिल रहा है। सरकार ने 1 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक के लिए Small Savings Schemes की ब्याज दरें जारी कर दी हैं। इस लिस्ट में बेटियों की बचत से लेकर सीनियर सिटिजन, PPF और टाइम डिपॉजिट तक, हर निवेशक के लिए अलग-अलग विकल्प मौजूद हैं। अगर आप नए साल में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो हम आपको अधिक ब्याज मिलने वाली पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीम के बारे में बता रहे हैं।

PPF से कहां अधिक मिल रहा ब्याज

मौजूदा समय में पीपीएफ पर 7.1% की दर से ब्याज मिल रहा है। इससे अधिक सुकन्या समृद्धि योजना में 8.2%, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम में 8.2%, राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) में 7.7%, किसान विकास पत्र (KVP) में 7.5%, मंथली इनकम स्कीम (MIS) में 7.4% और 5 साल की TD पर 7.5% की दर से ब्याज मिल रहा है। यानी इन सभी स्कीम में पीपीएफ के मुकाबले ज्यादा रिटर्न मिल रहा है। अगर इनकी तुलना बैंकों पर अभी मिल रही एफडी के ब्याज पर करें तो साफ पता चलता है कि बैंक एफडी भी रिटर्न देने में पीछे हैं। यानी आप पोस्ट ऑफिस की स्कीम में निवेश कर ज्यादा रिटर्न पा सकते हैं।

निवेश पर कोई जोखिम नहीं

पोस्ट ऑफिस की स्कीम में निवेश की सबसे अच्छी बात यह है कि आपको निवेश पर बिल्कुल जोखिम नहीं होता है। निवेश की गारंटी सरकार लेती है। वहीं, अगर आप सिप के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो रिटर्न मार्केट की तेजी या मंदी से प्रभावित होता है।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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