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दिखने लगा डिजिटल इंडिया का असली असर, एक दशक में DBT में 90 गुना उछाल, रियल टाइम पेमेंट में भारत सबसे आगे

Direct Benefit Transfer India: भारत ने बीते एक दशक में डिजिटल भुगतान और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की है। 2013-14 में जहां DBT का आंकड़ा ₹7,368 करोड़ था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर ₹6.83 लाख करोड़ हो गया। यानी 90 गुना वृद्धि हुई है।

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महिलाओं के नाम पर 56% जन धन खाते होना महिला सशक्तिकरण का मजबूत संकेत है।

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Direct Benefit Transfer India: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) में 2013-14 के ₹7,368 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹6.83 लाख करोड़ तक की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। उन्होंने इसे 90 गुना से अधिक का उछाल बताया। वित्त मंत्री के अनुसार, भारत 2024-25 में 260 लाख करोड़ रुपए से अधिक के रियल टाइम लेनदेन के साथ दुनिया का अग्रणी देश बन गया है। इसके अलावा, 18,600 करोड़ से अधिक लेनदेन की मात्रा दर्ज की गई, जो डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।

डिजिटल इंडिया की क्रांति

सीतारमण ने कहा कि बीते 11 वर्षों में भारत की तकनीकी यात्रा एक "डिजिटल क्रांति" रही है। भारत अब डिजिटल इनोवेशन, टेक-आधारित शासन और वैश्विक विश्वास का केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं बल्कि सतत शासन, नागरिक सशक्तिकरण और 'टेक-फर्स्ट भारत' के निर्माण से जुड़ा है।

जन धन खातों में महिलाओं की बड़ी भागीदारी

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एम. राजेश्वर राव के मुताबिक, देश में अब तक 55.44 करोड़ जन धन खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें 56% खाते महिलाओं के नाम पर हैं। इन खातों में कुल जमा राशि 2.5 लाख करोड़ रुपए के पार हो गई है।

UPI का योगदान 83% से अधिक

2024-25 में डिजिटल पेमेंट में 35% की वार्षिक वृद्धि देखी गई। अब भारत में हर दिन औसतन 60.81 करोड़ लेनदेन हो रहे हैं, जिसमें UPI का योगदान 83.73% है। सीतारमण ने इसे वित्तीय समावेशन का सशक्त माध्यम बताया।

भाषा इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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