AI Stocks Crash : राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिडटर्म चुनावों में करारा झटका लगा है। इस राजनीतिक बदलाव का असर शेयर बाजार में तुरंत दिखाई दिया। गुरुवार को Nasdaq 100 में 6.4% की गिरावट आई और इसकी मार्केट वैल्यू से करीब 2500 अरब डॉलर यानी करीब 237.50 लाख करोड़ साफ हो गए हैं। Nasdaq Composite भी 5.5% टूट गया। Nvidia से लेकर डेटा सेंटर कंपनियों तक के शेयरों में भारी बिकवाली हुई। Reuters के मुताबिक, निवेशकों की चिंता है कि डेमोक्रेट्स की चुनावी जीत AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को प्रभावित कर सकती है।
AI की पूरी इकोनॉमी का आधार डेटा सेंटर हैं। ChatGPT जैसे AI मॉडल से लेकर क्लाउड कंप्यूटिंग और जनरेटिव AI तक के लिए विशाल डेटा सेंटर, हाई-परफॉर्मेंस चिप और भारी मात्रा में बिजली की जरूरत होती है। अमेरिकी टेक कंपनियां इस इंफ्रास्ट्रक्चर पर खरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं। लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेताओं ने डेटा सेंटर के अनियंत्रित विस्तार पर रोक लगाने की वकालत की है।
क्या है टेक कंपनियों को सबसे बड़ा डर?
टेक कंपनियों को सबसे बड़ा झटका टेक्सास से मिल सकता है। यहां डेमोक्रेटिक गवर्नर चुनी गईं जीना हिनोजोसा (Gina Hinojosa) ने नए डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स पर अस्थायी रोक लगाने का वादा किया है। उनका प्रस्ताव है कि जब तक राज्य में पानी, बिजली, पर्यावरण और स्थानीय लोगों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए नए कानून नहीं बनते, तब तक नए डेटा सेंटर को मंजूरी नहीं दी जाए।
नए डेटा सेंटर के निर्माण पर अस्थायी रोक
डेमोक्रेटिक सांसद अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज (Alexandria Ocasio-Cortez) ने जून 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डाटा सेंटर मोरेटोरियम एक्ट (Artificial Intelligence Data Center Moratorium Act) पेश किया था। इसमें AI से जुड़े सुरक्षा कानून बनने तक नए डेटा सेंटर के निर्माण पर रोक लगाने का प्रस्ताव है। यह बिल अभी कानून नहीं बना है और संसदीय समितियों के पास विचाराधीन है।
बिजली-पानी के इस्तेमाल पर सख्त नियम
डेटा सेंटर को भारी मात्रा में बिजली और पानी चाहिए। डेमोक्रेट्स की मांग है कि कंपनियां अपने प्रोजेक्ट के लिए जरूरी बिजली और पानी की व्यवस्था खुद करें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि उनकी वजह से आम लोगों के बिजली और पानी के बिल न बढ़ें। टेक्सास में हिनोजोसा ने इस दिशा में स्पष्ट प्रस्ताव रखे हैं।
टैक्स छूट और सब्सिडी पर लगाम
डेटा सेंटर कंपनियों को मिलने वाली सरकारी टैक्स छूट और सब्सिडी भी राजनीतिक बहस का मुद्दा है। हिनोजोसा ने ऐसी सब्सिडी बंद करने की बात कही है। इससे नए डेटा सेंटर प्रोजेक्ट की लागत बढ़ सकती है और निवेश के फैसले प्रभावित हो सकते हैं।
सुरक्षा और पारदर्शिता की शर्तें
डेमोक्रेटिक नेताओं के प्रस्तावों में AI मॉडल की स्वतंत्र सुरक्षा जांच, डेटा प्राइवेसी, डीपफेक पर नियंत्रण और बच्चों को AI के संभावित दुष्प्रभावों से बचाने जैसे मुद्दे शामिल हैं। ऐसे नियम लागू होने पर AI कंपनियों को अपने उत्पाद लॉन्च करने और उनका संचालन करने में अतिरिक्त अनुपालन करना पड़ सकता है।
स्थानीय समुदाय और श्रमिकों के अधिकार
डेटा सेंटर प्रोजेक्ट में स्थानीय लोगों की सहमति, निर्माण क्षेत्र में यूनियन कर्मचारियों की नियुक्ति और कंपनियों के प्रोजेक्ट की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी उठ रही है। इससे परियोजनाओं की मंजूरी और निर्माण में देरी की आशंका है।
टेक्सास से जॉर्जिया तक बढ़ी चिंता
टेक्सास अमेरिका में डेटा सेंटर निवेश का बेहद अहम केंद्र है। रिसर्च फर्म SemiAnalysis के अनुमान के मुताबिक, 2028 में अमेरिका की नई डेटा सेंटर क्षमता में टेक्सास की हिस्सेदारी 41% हो सकती है। इसके अलावा जॉर्जिया, ओहायो और एरिजोना में भी बड़े प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। इन राज्यों में भी डेटा सेंटर विस्तार पर सख्त नियमों की वकालत करने वाले उम्मीदवारों को जीत मिली है। शुरुआती चुनावी नतीजों के मुताबिक, 10 राज्यों में डेटा सेंटर से जुड़े 41 प्रस्तावों में से करीब दो दर्जन ऐसे प्रस्ताव पास होते दिख रहे हैं, जिनका मकसद नए निर्माण को प्रतिबंधित करना है।
क्या रुक जाएगा AI का विस्तार?
फिलहाल ऐसा मानना जल्दबाजी होगी। डेमोक्रेट्स को संसद के दोनों सदनों में बहुमत जरूर मिला है, लेकिन ट्रंप राष्ट्रपति बने रहेंगे और उनके पास किसी संघीय कानून को वीटो करने का अधिकार है। इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर AI इंडस्ट्री पर बड़े प्रतिबंध लगाना आसान नहीं होगा। हालांकि राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों के स्तर पर नए नियम, परमिट और निर्माण संबंधी प्रतिबंध लागू होने की आशंका बनी हुई है।
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