बजट से पहले शिक्षिकाओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। दरअसल, केरल सरकार ने अपने कर्मचारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। केरल के वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल ने आज विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी सेविकाओं और शिक्षकों के लिए बड़े वेतन लाभ की घोषणा की है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली सरकार का यह छठा बजट पूरी तरह से सामाजिक कल्याण और आम आदमी की आर्थिक सुरक्षा को समर्पित नजर आ रहा है।
आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को बड़ी राहत
बजट की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा मानदेय (Honorarium) में बढ़ोतरी को लेकर रही। वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1,000 रुपये प्रति माह की वृद्धि की जाएगी। इसके अलावा, आंगनवाड़ी में काम करने वाली सहायिकाओं (Helpers) के मानदेय में भी 500 रुपये प्रति माह का इजाफा किया गया है। यह फैसला उन महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लेकर आया है जो ग्रासरूट लेवल पर स्वास्थ्य और बच्चों की देखभाल की कमान संभालती हैं।
शिक्षकों और साक्षरता मिशन कर्मियों की सैलरी बढ़ी
शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले प्री-प्राइमरी शिक्षकों और साक्षरता मिशन के प्रेरकों (Motivators) के लिए भी यह बजट तोहफा लेकर आया है। इनके वेतन में भी 1,000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की गई है। इतना ही नहीं, स्कूलों में बच्चों के लिए मिड-डे मील तैयार करने वाले कुकिंग स्टाफ की दिहाड़ी (Daily Wages) में भी 25 रुपये प्रति दिन का इजाफा किया गया है।
पेंशन और महिला सुरक्षा पर भारी खर्च
राज्य में बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के मद में 14,500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। इसके साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 'मुख्यमंत्री स्त्री सुरक्षा योजना' के लिए 3,700 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है।
