नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने देशभर के टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने दूसरी तिमाही के लिए फॉर्म 26क्यू (Form 26Q) में तिमाही टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स यानी TDS की जानकारी देने की आखिरी तारीख को एक महीने बढ़ा दिया है। पहले वित्त वर्ष 2022-23 की जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए फॉर्म 26क्यू डिपॉजिट करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर थी। लेकिन अब इसे एक महीने के लिए बढ़ाकर 30 नवंबर कर दिया गया है।
क्यों बढ़ी आखिरी तारीख?
इस संदर्भ में सीबीडीटी ने एक बयान जारी किया और कहा कि संशोधित एवं अद्यतन फॉर्म 26क्यू में स्रोत पर कर कटौती की जानकारी देने में टैक्सपेयर्स को दिक्कतें आ रही थीं, जिसको ध्यान में रखते हुए अब दूसरी तिमाही का ब्योरा जमा करने की समयसीमा को बढ़ाया गया है।
कहां होता है फॉर्म 26क्यू का इस्तेमाल?
फॉर्म 26क्यू का इस्तेमाल वेतन से इतर भुगतान पर टीडीएस के तिमाही रिटर्न का विवरण देने के लिए किया जाता है। इस फॉर्म में एक तिमाही के दौरान कुल भुगतान की गई राशि और उस पर की गई कर कटौती का ब्योरा शामिल होता है।
रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा भी बढ़ी
इससे पहले केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कुछ कैटेगरी के करदाताओं के लिए निर्धारण वर्ष 2022-23 के लिए आयकर रिटर्न (Income Tax Return) दाखिल करने की आखिरी तारीख को बढ़ाकर 7 नवंबर कर दिया था। पहले ड्यू डेट 31 अक्टूबर को समाप्त हो रही थी। सीबीडीटी की ओर से जारी एक सर्कुलर में कहा गया कि अलग- अलग ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 7 अक्टूबर तक का अतिरिक्त समय दिया गया था। इसलिए आईटीआर दाखिल (ITR Filing) करने की समयसीमा भी बढ़ा दी गई है।
उल्लेखनीय है कि यह आदेश संस्थाओं और व्यक्तियों के अलावा उन फर्मों के भागीदारों पर भी लागू होता है जिनके अकाउंट की लेखा-परीक्षा की आवश्यकता होती है।
