Tata Consultancy Services bribe for jobs: आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का नौकरी घोटाला मामले में कड़ा एक्शन देखने को मिल रहा है। कंपनी ने अपने 16 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने वहीं, 6 वेंडर एंटिटी को बैन करने का फैसला किया है। कंपनी ने 15 अक्टूबर को एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी है। कंपनी के मुताबिक पैसे लेकर नौकरी देने के मामले की जांच के बाद TCS ने 16 कर्मचारियों और 6 फर्मों को बर्खास्त कर दिया है। कंपनी ने इस मामले में कुल 19 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की, जिनमें से 16 को बर्खास्त कर दिया गया और तीन को फंक्शन से हटाया गया है।
क्या था मामला
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) कंपनी में कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए जिम्मेदार कुछ सीनियर अधिकारी सालों से उम्मीदवारों को नौकरी देने के बदले में स्टाफिंग फर्मों से रिश्वत ले रहे थे। इसकी भनक तब लगी जब एक व्हिसलब्लोअर ने कंपनी के CEO और COO को एक लेटर लिखकर दावा किया कि RMG के ग्लोबल हेड ईएस चक्रवर्ती नौकरी देने के बदले स्टाफिंग फर्मों से रिश्वत लेते हैं। उसके बाद TCS ने आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी।
लोगों ने 100 करोड़ रुपए कमाए
इस मामले से जुड़े एक एग्जीक्यूटिव ने कहा था कि पिछले 3 साल में कंपनी ने कॉन्ट्रैक्टर्स सहित 3 लाख लोगों को काम पर रखा है। यह भी अनुमान लगाया है कि घोटाले में शामिल लोगों ने कमीशन के जरिए कम से कम 100 करोड़ रुपए कमाए हैं।
इससे कोई वित्तीय प्रभाव नहीं-टीसीएस
टीसीएस ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, "हमारी जांच में इस मामले में 19 कर्मचारियों को शामिल पाया गया और सभी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 16 कर्मचारियों को कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन के लिए कंपनी से निकाल दिया गया है और 3 कर्मचारियों को रिसोर्स मैनेजमेंट फंक्शन से हटा दिया गया है। इसमें आगे कहा गया है कि छह वेंडर एंटिटी, उनके मालिकों और सहयोगियों को कंपनी के साथ कोई भी बिजनेस करने से रोक दिया गया है। कंपनी ने कहा कि इसमें कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी शामिल नहीं है और इसका कोई वित्तीय प्रभाव नहीं है। इसमें मैनेजमेंट से कोई शख्स शामिल नहीं था।
