TCS Sacks Employees: देश की सबसे बड़ी IT कंपनियों में टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज का नाम आता है। उसने रिश्वत लेकर भर्ती घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इसके अलावा 6 बिजनेस एसोसिएट फर्म्स पर बैन लगा दिया है। इसकी जानकारी TCS के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने दी है।
एन चंद्रशेखरन ने कही ये बात
दरअसल चंद्रशेखरन एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में थे जिसके दौरान शेयरहोल्डर्स के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने पहली बार कंपनी की तरफ से इस मामले पर सफाई दी गई है। पिछले एक हफ्ते से इस मामले को लेकर कई रिपोर्ट्स सामने आ चुकी थीं। शेयरहोल्डर्स को एन चंद्रशेखरन ने बताया कि हमने 6 कर्मचारी ऐसे मिले जिनका काम नैतिकता के खिलाफ था।
उन्होंने कहा कि हम यह नहीं बता सकते कि उन्हें क्या फायदा मिला, लेकिन उन्होंने निश्चित रूप से वे कुछ कंपनियों के लिए काम कर रहे थे। एन चंद्रशेखरन ने कहा कि उन सभी छह कर्मचारियों और छह ऐसी बिजनेस एसोसिएट फर्म्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही तीन और कर्मचारियों के खिलाफ जांच जारी है।
कंपनी कर रही समीक्षा
एन चंद्रशेखरन ने आगे कहा कि कंपनी पूरे बिजनेस एसोसिएट सप्लाई मैनेजमेंट प्रोसेस की कमजोरी और खामियों की समीक्षा करेगी। ताकि ऐसी घटनाएं फिर से ना हों। सबसे पहले किसी भी कर्मचारियों से उम्मीद की जाती है कि हर कर्मचारी का आचरण नैतिकता भरा हो और व्यवहार में सत्यनिष्ठा हो। यह किसी भी वित्तीय प्रदर्शन से पहले आता है। ऐसे में अगर किसी कर्मचारी द्वारा नैतिक आचरण का उल्लंघन होता है, तो मुझे और सभी वरिष्ठ को दुख होता है और हम इसे बेहद गंभीरता से लेते हैं और बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे।
एन चंद्रशेखरन के मुताबिक दो व्हीसलब्लोअर ने फरवरी मार्च में इस गड़बड़ी के बारे में जानकारी दी थी। उऩ्होंने बताया कि पक्षपात को लेकर शिकायतें मिली थी और बिजनेस एसोसिएट्स के भर्ती में लाभ हासिल किया गया है।
