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Tata Capital Vs LG Electronics: दोनों मेगा IPO में कौन देगा शानदार रिटर्न? निवेश से पहले जानें

टाटा कैपिटल का आईपीओ सोमवार, 6 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और बुधवार, 8 अक्टूबर को बंद होगा। 15,512 करोड़ रुपये के कुल इश्यू साइज के साथ, यह न केवल 2025 का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है।

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आईपीओ

इस साल अबतक शेयर बाजार एक रेंज के अंदर ट्रेड कर रहा है लेकिन आईपीओ मार्केट में जबरदस्त तेजी है। सितंबर के बाद अक्टूबर महीने में कई बड़ी कंपनियों के आईपीओ आने वाले हैं। इनमें बहुचर्चित टाटा कैपिटल आईपीओ और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया शामिल हैं। दोनों आईपीओ निवेशकों के लिए अगले हफ्ते खुल रहे हैं और कुल मिलाकर 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बाजार से जुटाएंगे। लेकिन इतने बड़े इश्यू के साथ, निवेशकों के लिए बड़ा सवाल यह है कि उन्हें किसमें निवेश करना चाहिए? क्या उन्हें वित्तीय क्षेत्र की दिग्गज कंपनी में निवेश करना चाहिए या उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी में? अगर आप भी इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं तो चलिए हम देते हैं।

टाटा कैपिटल बनाम एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स आईपीओ

टाटा कैपिटल का आईपीओ सोमवार, 6 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और बुधवार, 8 अक्टूबर को बंद होगा। 15,512 करोड़ रुपये के कुल इश्यू साइज के साथ, यह न केवल 2025 का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है, बल्कि टाटा समूह का अब तक का सबसे बड़ा और भारत की सबसे बड़ी एनबीएफसी लिस्टिंग में से एक है। इस ऑफर में 21 करोड़ शेयरों का नया इश्यू और 26.6 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल है, जिसकी कीमत 310 रुपये से 326 रुपये प्रति शेयर के बीच है।

वहीं, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया का आईपीओ मंगलवार, 7 अक्टूबर को खुलेगा और गुरुवार, 9 अक्टूबर को बंद होगा। कंपनी पूरी तरह से 11,607.01 करोड़ रुपये के 10.18 करोड़ शेयरों के ओएफएस के जरिए पैसा जुटा रही है। इस इश्यू का प्राइस बैंड 1,080-1,140 रुपये प्रति शेयर के बीच रखा गया है।

दोनों कंपनियों की वित्तीय स्थिति

टाटा कैपिटल की ब्याज आय वित्त वर्ष 23 में 11,910 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 25 में 25,719 करोड़ रुपये हो गई। इसके अलावा, इसी अवधि में इसका लाभ 2,946 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,655 करोड़ रुपये हो गया। दूसरी ओर, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया एक उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और उपकरण कंपनी है। इसका लगभग 78% राजस्व घरेलू उपकरणों और एयर कंडीशनिंग समाधानों से और शेष मनोरंजन उत्पादों से आता है। इसके अलावा, कंपनी ने वित्त वर्ष 25 में 2,203 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। अब कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो, टाटा कैपिटल की वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के आंकड़े 6,932 करोड़ रुपये की ब्याज आय दर्शाते हैं। यह पिछले साल की समान तिमाही के 5,995 करोड़ रुपये से ज़्यादा है। कंपनी ने 1,041 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया, जो वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है।

पैसे का कहां करेगी इस्तेमाल?

टाटा कैपिटल आईपीओ से प्राप्त राशि का उपयोग अपने पूंजी आधार को मजबूत करने और आगे की उधारी गतिविधियों को समर्थन देने के लिए करने की योजना बना रही है। दूसरी ओर, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया केवल प्रमोटर हिस्सेदारी बिक्री के लिए धन जुटा रही है। इसका सीधा अर्थ है कि कंपनी को आईपीओ से कोई नई पूंजी नहीं मिलेगी।

मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि अक्टूबर के पहले सप्ताह में ये दोनों आईपीओ निवेशकों के लिए बड़े मौके पेश करेंगे और बाजार में बड़ी हलचल पैदा कर करेंगे। दोनों में निवेश करने के निर्णय का आधार निवेशकों के जोखिम उठाने की कैपेसिटी, कंपनी की वित्तीय मजबूती और भविष्य की योजना पर निर्भर करेगा। इसलिए अगर आप इन दोनों आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं तो अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। फिर फैसला लें। ये दोनों आईपीओ अच्छी हैं लेकिन कहां बेहतर रिटर्न मिलेगा, ये कहना बहुत ही मुश्किल है।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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