आज के समय में हर कोई अपने भविष्य और खासकर रिटायरमेंट के बाद की फाइनेंशियल सिक्योरिटी को लेकर सोचता है। लोग चाहते हैं कि एक बार पैसा लगाकर लंबे समय तक हर महीने इनकम आती रहे। ऐसे में म्यूचुअल फंड का सिस्टेमैटिक विदड्रॉअल प्लान (SWP) एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
कैसे काम करता है यह प्लान?
SWP में निवेशक एकमुश्त राशि किसी म्यूचुअल फंड में लगाते हैं और फिर हर महीने एक तय रकम अपने खाते में ट्रांसफर करवाते हैं। यह रकम निवेशक खुद तय कर सकता है।
₹3 लाख के निवेश पर कैसा मिलेगा रिटर्न?
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कोई निवेशक ₹3 लाख किसी इक्विटी या हाइब्रिड म्यूचुअल फंड में लगाता है और औसतन 8-10% सालाना रिटर्न मिलता है, तो वह हर महीने ₹1,500 से ₹2,000 तक निकाल सकता है। इस दौरान मूल राशि यानी ₹3 लाख लंबे समय तक सुरक्षित रह सकती है और बढ़ भी सकती है।
फायदे
- एन्युटी प्लान की तुलना में ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना।
- महंगाई को मात देने की क्षमता।
- जरूरत पड़ने पर कभी भी पूरा पैसा निकालने की सुविधा।
नुकसान
- यह गारंटीड इनकम नहीं है, क्योंकि म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़े होते हैं।
- अगर बाजार लंबे समय तक नीचे रहा, तो मूलधन घटने का खतरा भी रहता है।
बड़ी इनकम के लिए कितना निवेश जरूरी?
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि ₹3 लाख से मिलने वाली मासिक इनकम (₹1,500–₹2,000) केवल छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा कर सकती है।
अगर निवेशक हर महीने ₹25,000 से ₹30,000 की इनकम चाहते हैं, तो उन्हें लगभग ₹40–₹50 लाख का एकमुश्त निवेश करना होगा।
₹3 लाख का निवेश भविष्य की इनकम के लिए एक अच्छी शुरुआत हो सकती है। सुरक्षित विकल्प चाहने वालों के लिए एन्युटी प्लान सही हो सकता है, जबकि ज्यादा रिटर्न के लिए थोड़ा रिस्क लेकर म्यूचुअल फंड का SWP चुना जा सकता है।
