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Online Gaming कंपनियों पर पिछली तारीख से 28 प्रतिशत GST लगाना पूरी तरह सहीः SC

शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा, 'ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियां, जिनमें फैंटेसी स्पोर्ट्स और अन्य डिजिटल खेल शामिल हैं और जिनमें अनिश्चित परिणामों पर दांव लगाया जाता है, जीएसटी रूपरेखा के तहत सट्टेबाजी और जुए की श्रेणी में आती हैं।'

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उच्चतम न्यायालय ने जीएसटी लगाने को वैध करार दिया।(फोटो क्रेडिट-iStock)

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28 प्रतिशत जीएसटी की पिछली तारीख से वसूली को बरकरार रखते हुए कहा कि ऐसा कर लगाना संवैधानिक रूप से वैध है। न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग मंच केवल मध्यस्थ नहीं हैं, बल्कि उन्हें माल एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के तहत कर-योग्य ’आपूर्तिकर्ता’ माना जाएगा।

शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा, "ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियां, जिनमें फैंटेसी स्पोर्ट्स और अन्य डिजिटल खेल शामिल हैं और जिनमें अनिश्चित परिणामों पर दांव लगाया जाता है, जीएसटी रूपरेखा के तहत सट्टेबाजी और जुए की श्रेणी में आती हैं।" पीठ ने कहा, "सट्टेबाजी और जुए से उपजे ’कार्यान्वित किए जा सकने वाले दावों’ की आपूर्ति पर जीएसटी लगाना संविधान के अनुच्छेद 366(12) और 366(12ए) का उल्लंघन नहीं करता है।"

इसके साथ ही पीठ ने तमिलनाडु और कर्नाटक सरकारों द्वारा बनाए गए उन कानूनों की वैधता भी बरकरार रखी, जिनमें दांव लगाने से संबंधित ऑनलाइन गेम और रम्मी एवं पोकर जैसे कौशल-आधारित खेलों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

कारण बताओ नोटिस हुए थे जारी

जीएसटी अधिकारियों ने अक्टूबर, 2023 में ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को कर चोरी के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। इसके बाद सरकार ने कानून में संशोधन करते हुए एक अक्टूबर, 2023 से विदेशी ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के लिए भारत में पंजीकरण अनिवार्य कर दिया।

इससे पहले, अगस्त 2023 में जीएसटी परिषद ने कहा था कि ऑनलाइन गेमिंग मंच पर लगाए गए कुल दांव की राशि पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाएगा। कई गेमिंग कंपनियों ने इन प्रावधानों को चुनौती देते हुए विभिन्न उच्च न्यायालयों में अपील की थीं।

बाद में केंद्र की याचिका पर शीर्ष अदालत ने नौ उच्च न्यायालयों में लंबित सभी मामलों को अपने पास स्थानांतरित कर लिया था, ताकि इस मुद्दे पर अंतिम और प्रामाणिक निर्णय दिया जा सके। गेम्स 24x7, हेड डिजिटल वर्क्स और फेडरेशन ऑफ इंडियन फैंटेसी स्पोर्ट्स सहित कई ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों ने जीएसटी की इस व्यवस्था को अदालत में चुनौती दी थी।

(इनपुट- भाषा)

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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