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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए बड़ी कामयाबी, IATA से मिला कोडनेम, जानें इसका क्या है मतलब

Noida International Airport: दुनियाभर में करीब 300 एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करने वाला आईएटीए किसी हवाई अड्डे की विशिष्ट पहचान को सुनिश्चित करने के लिए तीन अक्षर का कोडनेम जारी करता है।

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला कोडनेम

KEY HIGHLIGHTS
  • नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला कोडनेम
  • IATA ने दिया DXN कोडनेम
  • 2024 तक शुरू होगा एयरपोर्ट का पहला फेज

Noida International Airport: विमानन कंपनियों की वैश्विक संस्था आईएटीए (IATA) ने ग्रेटर नोएडा के जेवर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Noida International Airport) के लिए तीन अक्षरों वाले कोडनेम का आवंटन कर दिया है। हवाई अड्डे की चीफ ऑपरेशनल ऑफिसर (सीओओ) किरण जैन ने बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए डीएक्सएन (DXN) कोडनेम आवंटित किया है।

नोएडा हवाई अड्डे ने IATA को 3-अक्षर कोड के लिए तीन विकल्प सुझाए, जिनमें से DXN को IATA ने चुना और एलॉट किया है। DXN में D दिल्ली का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि X पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करता है और N नोएडा का प्रतिनिधित्व करता है।

क्यों जारी किया जाता है कोडनेम

दुनियाभर में करीब 300 एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करने वाला आईएटीए किसी हवाई अड्डे की विशिष्ट पहचान को सुनिश्चित करने के लिए तीन अक्षर का कोडनेम जारी करता है। इस कोडनेम से उड़ानों के ऑपरेशन और रूट तय करने में सहूलियत होती है। उदाहरण के लिए, JFK न्यूयॉर्क के जॉन एफ कैनेडी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए IATA का कोड है

नोएडा हवाईअड्डे का फेज 1 2024 के अंत तक पूरा होने की संभावना है, तब ही हवाई अड्डा कमर्शियल ऑपरेशन भी शुरू करेगा।

40 साल में पूरा होगा एयरपोर्टल

टेस्ट फ्लाइट एयरपोर्ट पर कमर्शियल फ्लाइट शुरू होने से कुछ महीने पहले होंगी। फेज 1 के पूरा होने से प्रति वर्ष लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी। इसमें 3900 मीटर का एक रनवे (उत्तरी रनवे) होगा।

कुल मिलाकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को चार फेज में डेवलप किया जाएगा। पहला पेज प्रति वर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों को सेवा देगा। फेज 2 प्रति वर्ष 3.2 करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान देगा। फेज 3 प्रति वर्ष 5.2 करोड़ यात्रियों को सेवा देगा और अंत में फेज 4 के बाद प्रति वर्ष 7 करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान करेगा। सभी चार फेज का डेवलपमेंट अगले 40 वर्षों में होगा।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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