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स्विगी के 1 हफ्ते से भूखे Btech डिलीवरी बॉय की कहानी, सोशल मीडिया ने ऐसे दिलाया काम

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Jun 15, 2023, 09:29 AM IST

Interesting Story: लिंक्डइन पर एक स्विगी डिलीवरी पार्टनर की कहानी शेयर की गई है। जिसे टेक कंपनी फ्लैश में मार्केटिंग मैनेजर प्रियांशी चंदेल ने शेयर किया है।

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डिलीवरी पार्टनर

Interesting Story: लिंक्डइन पर एक स्विगी डिलीवरी पार्टनर की कहानी शेयर की गई है। जिसे टेक कंपनी फ्लैश में मार्केटिंग मैनेजर प्रियांशी चंदेल ने शेयर किया है। इसमें उन्होंने लिखा है कि उन्होंने एक स्विगी ऑर्डर दिया था, जो उनके पास 30-40 मिनट देरी से पहुंचा। जब उन्होंने ऑर्डर लेने के लिए घर का दरवाजा खोला उन्हें बाहर सीढ़ी पर बैठा युवक तेजी से सांसे लेता हुआ दिखा। जब उन्होंने डिलीवरी बॉय जिसका नाम साहिल सिंह था उससे देरी का कारण पूछा तो उसने अपनी आपबीती सुनाई। उसने कहा कि वह उसके फ्लैट तक पहुंचने के लिए 3 किमी पैदल चला, क्योंकि उसके पास पैसे या वाहन नहीं थे।

साहिल ने बताया कि उनके पास इलेक्ट्रिकल एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की डिग्री है और वह पहले बायजूज और निंजाकार्ट के साथ काम कर चुके हैं। हालांकि, महामारी के दौरान अपनी नौकरी गंवाने के बाद जम्मू में वह अपने घर वापस चला गया।

स्विगी डिलीवरी पार्टनर 30 वर्षीय साहिल ने चंदेल से कहा, 'मैडम, मेरे पास ट्रेवल करने के लिए स्कूटी या कोई साधन नहीं था। मैं आपके ऑर्डर के साथ 3 किलोमीटर पैदल चला। मेरे पास पैसे नहीं हैं। मेरे फ्लैटमेट ने मेरे बचे-खुचे पैसे भी ले लिए, जिसके साथ मैं अपने यूलू को रिचार्ज करके चलाता हूं। मेरे मकान मालिक को पेमेंट करने के लिए मेरे पास कुछ भी नहीं बचा है। मैं कोविड के दौरान अपने घर जम्मू जाने से पहले निंजाकार्ट, बायजू में काम करता था। इस ऑर्डर की डिलीवरी के लिए भी मुझे केवल 20-25 रुपये मिलेंगे और मुझे 12 से पहले दूसरी डिलीवरी लेनी होगी, वरना वे मुझे कहीं दूर डिलीवरी के लिए भेज देंगे और मेरे पास बाइक नहीं है।"

1 हफ्ते से नहीं मिला खाना

साहिल बोला, " मैंने एक हफ्ते से खाना नहीं खाया है, सिर्फ पानी और चाय पी रहा हूं। मैं कुछ नहीं मांग रहा हूं, प्लीज अगर आप मुझे कोई काम दिला दें। मैं पहले 25 हजार कमाता था, मेरी उम्र 30 साल है, मेरे माता-पिता बूढ़े हो रहे हैं और मैं उनसे पैसे नहीं मांग सकता।''

लिंक्डइन पर पोस्ट करने के बाद मिलने लगी मदद

चंदेल ने लिंक्डइन पर पोस्ट की और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के यूजर्स से उसे नौकरी खोजने में मदद करने के लिए कहा और अपने ईमेल पते, मार्कशीट, प्रमाण पत्र और दस्तावेजों की तस्वीरें अपलोड कीं। उसने इंटरनेट यूजर्स से अपील की, "अगर किसी के पास ऑफिस बॉय, एडमिन वर्क, कस्टमर सपोर्ट आदि के लिए कोई अवसर है तो कृपया किसी साथी की मदद करें!"

कई यूजर्स ने आगे बढ़कर उसकी मदद की। जहां कुछ ने अपनी YULU बाइक को रिचार्ज करवाया, वहीं अन्य ने उनके यहां खाना पहुंचाया। छह दिन बाद चंदेल ने एक अपडेट में बताया कि डिलीवरी मैन को नौकरी मिल गई है। "उसे नौकरी मिल गई !!! आगे आने वाले सभी लोगों का धन्यवाद, आप सभी कमाल के हैं।"

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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