घरेलू ब्रोकरेज हाउस SBI सिक्योरिटीज ने स्मॉल-कैप कंपनी
मार्च 2025 तिमाही में Hi-Tech Pipes ने ₹733.7 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू, ₹34.9 करोड़ का EBITDA और ₹17.6 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया। साल-दर-साल आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 7.7% और PAT 55.8% बढ़ा है। हालांकि EBITDA में 1.2% की मामूली गिरावट रही। बिक्री वॉल्यूम 7.7% बढ़कर 2.14 लाख टन पहुंची, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की मजबूत डिमांड को दर्शाता है।
SBI सिक्योरिटीज का कहना है कि सिकंदराबाद और साणंद फेज-2 यूनिट्स का काम अंतिम चरण में है और FY26 से इनकी प्रोडक्शन शुरू होने की संभावना है। इन यूनिट्स के चालू होने के बाद कंपनी की टोटल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी 0.75 MTPA से बढ़कर 1 MTPA हो जाएगी।
FY26 और FY27 के लिए कंपनी की वॉल्यूम CAGR अनुमानित 23.9% है। EBITDA प्रति टन FY25 में ₹3,297 से FY27 में ₹3,852 तक पहुंचने की उम्मीद है।
वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस
कंपनी अब जेनरिक स्टील पाइप्स से वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स जैसे सोलर टॉर्क ट्यूब्स और कलर-कोटेड रूफिंग शीट्स की ओर बढ़ रही है। FY25 में वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स का योगदान 36% था, जो FY26 में 42% तक बढ़ सकता है।
साथ ही कंपनी FY27 के लिए कैपेक्स प्लान भी बना रही है, जिससे कैपेसिटी में 25-30% की और बढ़ोतरी होगी। चेन्नई के श्री सिटी प्रोजेक्ट और साणंद फेज-2 का काम इसमें अहम होगा। लक्ष्य है कि FY29 तक कंपनी की क्षमता 2 MTPA तक पहुंच जाए।
शेयर की चाल
फिलहाल यह स्टॉक FY26 और FY27 के EPS अनुमान ₹5.3 और ₹7.6 के आधार पर 18.1x और 12.5x के P/E रेशियो पर ट्रेड कर रहा है। SBI सिक्योरिटीज ने FY27 की कमाई के आधार पर 18x वैल्यूएशन देकर इसका टारगेट ₹138 तय किया है। यह स्टॉक पिछले एक साल में 14% गिर चुका है और अभी अपने 52-वीक हाई ₹210.75 से 64% नीचे ट्रेड कर रहा है, जबकि हाल ही में बने 52-वीक लो ₹81.53 के पास है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
