बिजनेस

बिहार के लाल ने सरकार का भरा खजाना! वित्त वर्ष 2025-26 में वेदांता ने दिया 62,722 करोड़ का बड़ा योगदान

बिहार के लाल अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) ने वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार को 62,722 करोड़ रुपये दिए, जो पिछले साल से 13.3% ज्यादा है।

Image

वेदांता ने बीते वित्त वर्ष सरकारी खजाने में 62,722 करोड़ रुपये का योगदान दिया (तस्वीर-instagram)

बिहार के लाल अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) की कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) ने सरकार के खजाने में बड़ा योगदान देकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में उसने कुल 62,722 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा किए हैं। यह राशि पिछले साल की तुलना में करीब 13.3 फीसदी ज्यादा है। कंपनी का यह योगदान टैक्स, रॉयल्टी, डिविडेंड और अन्य भुगतानों के जरिए हुआ है।

पिछले साल से बेहतर प्रदर्शन

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक वेदांता ने कहा कि उसका यह बड़ा योगदान पिछले वित्त वर्ष में शानदार कारोबार और मजबूत कमाई की वजह से संभव हो पाया। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में अब तक का अपना सबसे बेहतरीन वित्तीय प्रदर्शन किया था। इसी दमदार नतीजे का असर इस साल सरकारी खजाने में हुए योगदान पर भी देखने को मिला है। कंपनी की ओर से जारी 11वीं टैक्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट में यह जानकारी शेयर की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 सालों में वेदांता ने कुल 4,83,034 करोड़ रुपये सरकार को दिए हैं। यह रकम बताती है कि कंपनी देश की अर्थव्यवस्था में कितनी अहम भूमिका निभा रही है।

कमाई का 36 फीसदी सरकार को गया

कंपनी के अनुसार, उसका यह योगदान उसकी कुल एकीकृत आय का करीब 36 फीसदी है। इसका मतलब है कि कंपनी अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा टैक्स और अन्य माध्यमों से सरकार को दे रही है। इससे सरकार को विकास कार्यों के लिए बड़ा आर्थिक सहारा मिलता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतनी बड़ी रकम देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विकास योजनाओं में मददगार साबित हो सकती है। इससे यह भी साफ होता है कि निजी कंपनियां देश की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

जस्ता कारोबार बना सबसे बड़ा सहारा

अगर वेदांता के कारोबार की बात करें तो सबसे ज्यादा योगदान जस्ता (जिंक) सेक्टर से आया है। कंपनी ने बताया कि जस्ता कारोबार से सरकार को 19,053 करोड़ रुपये मिले। इसके बाद एल्यूमिनियम सेक्टर का योगदान 15,788 करोड़ रुपये रहा। वहीं, तेल और गैस कारोबार से कंपनी ने 11,697 करोड़ रुपये का योगदान दिया। इसके अलावा तांबा, लौह अयस्क, इस्पात, बिजली, निकल और क्रोम जैसे सेक्टरों से भी अच्छी कमाई हुई।

देश की अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती

वेदांता का कहना है कि उसके मजबूत परिचालन और अलग-अलग क्षेत्रों में फैले कारोबार ने कंपनी को यह उपलब्धि हासिल करने में मदद की है। कंपनी प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में लगातार विस्तार कर रही है और इससे देश की आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिल रहा है। यह आंकड़े बताते हैं कि बड़ी कंपनियों का बेहतर प्रदर्शन सीधे तौर पर सरकार की आय बढ़ाने में मदद करता है। इससे विकास परियोजनाओं को रफ्तार मिलती है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं। वेदांता का यह योगदान देश की आर्थिक मजबूती और विकास में एक अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में कंपनी से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article