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लाखों का ब्याज बचाएं! Home Loan की EMI से आजादी के लिए अपनाएं ये 7 टिप्स

Reduce EMI Burden: आज के समय में घर लेना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है होम लोन को समझदारी से मैनेज करना भी है। लंबी अवधि तक EMI भरते रहना तनाव का कारण बन सकता है। इतना ही नहीं, यह आपकी वित्तीय आजादी को भी सीमित कर सकता है। इसलिए सही रणनीति अपनाकर लोन को जल्दी खत्म करना एक समझदारी भरा कदम साबित हो सकता है।

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होम लोन की ईएमआई से आजादी (Photo: iStock)

Reduce EMI Burden: घर खरीदना हर किसी के लिए किसी बड़े सपने से कम नहीं होता। वहीं, घर खरीदने का मतलब होम लोन और लोन की लंबी अवधि से भी होता है। लोन की यह लंबी अवधि कई बार तनाव का कारण बनने लगती है। अगर समझदारी से काम किया जाए तो न केवल होम लोन जल्द से जल्द खत्म किया जा सकता है बल्कि लाखों रुपए का ब्याज भी बचाया जा सकता है। इस आर्टिकल में आपको कुछ स्मार्ट रणनीतियों के बारे में ही बता रहे हैं-

नियमित प्रीपेमेंट

होम लोन जल्दी चुकाने का सबसे बेहतर तरीका आंशिक प्रीपेमेंट है। साल में एक-दो बार बोनस, इंसेंटिव या अतिरिक्त बचत से मूलधन का कुछ हिस्सा चुका दें। फ्लोटिंग रेट लोन पर अधिकतर बैंक प्रीपेमेंट पर कोई पेनल्टी नहीं लेते। इससे सीधे मूलधन कम होता है और कुल ब्याज घटता है।

EMI में हर साल बढ़ोतरी

अगर आपकी सैलरी हर साल बढ़ती है तो EMI भी 5–10% बढ़ाने की कोशिश करें। EMI बढ़ाने से लोन की अवधि घटती है और आप कई साल पहले कर्ज से मुक्त हो सकते हैं।

बैलेंस ट्रांसफर

अगर किसी दूसरे बैंक में कम ब्याज दर मिल रही हो तो बैलेंस ट्रांसफर से फायदा हो सकता है। हालांकि, प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्ज का हिसाब जरूर लगाएं ताकि वास्तविक बचत स्पष्ट हो सके।

छोटी अवधि चुनें

लंबी अवधि का सीधा मतलब ज्यादा ब्याज से होता है। अगर आपकी आय स्थिर है और बजट संभल सकता है तो लोन की अवधि कम रखने या कम करवाने पर विचार करें।

साल में एक अतिरिक्त EMI

होम लोन के लिए आप हर महीने ईएमआई दे रहे हैं। इस हिसाब से आप 1 साल में 12 ईएमआई भरते हैं। इसे 12 की जगह 13 करने का प्रयास कर सकते हैं।

यह छोटा कदम भी लोन अवधि को 2–3 साल तक घटा सकता है।

अनावश्यक खर्चों पर कंट्रोल

अगर आप हर महीने का बजट बनाते हैं और गैर-जरूरी खर्च कम करने की कोशिश करते हैं तो यह भी आपको होम लोन की लंबी अवधि से जल्द से जल्द छुटकारा दिला सकता है। बची हुई राशि को सीधे लोन प्रीपेमेंट में लगाया जा सकता है।

इमरजेंसी फंड

आप एक्स्ट्रा बचत करना शुरू कर दें तो इस पूरी बचत को लोन में लगा देना भी समझदारी नहीं होगी। कम से कम 6 महीने का खर्च अलग रखें, ताकि अचानक जरूरत पड़ने पर किसी तरह का नया कर्ज लेने की जरूरत न पड़े।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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