SIP Wealth Formula: म्यूचुअल फंड में SIP (Systematic Investment Plan) को लंबे समय तक निवेश करने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। हालांकि, कई निवेशक शुरुआत के कुछ वर्षों में निराश हो जाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनका पैसा बहुत धीरे-धीरे बढ़ रहा है। लेकिन असलियत यह है कि SIP का फायदा समय के साथ दिखाई देता है। जैसे-जैसे आपका निवेश बढ़ता है, चक्रवृद्धि (Compounding) का असर तेज होता जाता है और संपत्ति तेजी से बढ़ने लगती है। आइए एक उदाहरण के जरिए समझते हैं कि एसआईपी के जरिए 1 करोड़ का फंड किस तरह तैयार होता है-
1 करोड़ कितने समय में होगा तैयार
मान लीजिए कोई निवेशक हर महीने 50,000 रुपये की SIP करता है और उसे लंबे समय में 12% का सालाना औसत रिटर्न मिलता है, तो पहले 50 लाख रुपये का कॉर्पस बनाने में करीब 6 साल का समय लगेगा। लेकिन इसके बाद अगले 50 लाख रुपये जोड़ने में केवल करीब 4 साल का समय लगता है। यानी एसआईपी के जरिए 10 साल में 1 करोड़ का फंड तैयार किया जा सकता है।
| मंथली SIP | अवधि | कुल निवेश | अनुमानित रिटर्न | कुल वैल्यू |
|---|---|---|---|---|
| ₹50,000 | 6 साल | ₹36,00,000 | ₹15,80,127 | ₹51,80,127 |
| ₹50,000 | 10 साल | ₹60,00,000 | ₹52,01,794 | ₹1,12,01,794 |
आखिरी 50 लाख बनने में कम समय क्यों लगा?
शुरुआती वर्षों में पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा जमा की गई राशि होता है और उस पर मिलने वाला रिटर्न कम होता है। लेकिन जैसे-जैसे निवेश का आकार बढ़ता है, उसी निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी बड़ा होने लगता है। धीरे-धीरे स्थिति ऐसी बन जाती है कि निवेश केवल जमा की गई रकम से नहीं, बल्कि पहले से मिले रिटर्न पर मिलने वाले रिटर्न से भी तेजी से बढ़ने लगता है। यही कारण है कि बाद के वर्षों में संपत्ति की रफ्तार काफी तेज दिखाई देती है।
क्या 12% रिटर्न की उम्मीद उचित है?
12% रिटर्न कोई गारंटी नहीं है, क्योंकि म्यूचुअल फंड का प्रदर्शन बाजार पर निर्भर करता है। फिर भी, लंबे समय के ऐतिहासिक आंकड़ों में कई इक्विटी म्यूचुअल फंड श्रेणियों जैसे मिड-कैप, स्मॉल-कैप, लार्ज एंड मिड-कैप तथा फ्लेक्सी-कैप फंड्स ने औसतन 12% या उससे अधिक वार्षिक रिटर्न दिए हैं। हालांकि, भविष्य में रिटर्न अलग हो सकते हैं और किसी भी तरह की गारंटी नहीं होती।
निवेशक सबसे बड़ी गलती क्या करते हैं?
कई निवेशक शुरुआती वर्षों में धीमी ग्रोथ देखकर SIP बंद कर देते हैं या पैसा निकाल लेते हैं। यही वह समय होता है जब वे चक्रवृद्धि के सबसे बड़े लाभ से वंचित रह जाते हैं। वित्तीय विशेषज्ञों मानते हैं कि सफल निवेश केवल सही म्यूचुअल फंड चुनने से नहीं, बल्कि लंबे समय तक लगातार निवेश बनाए रखने से होता है।
