Silver Prices: अगर आप चांदी में निवेश करते हैं तो हाल की स्थिति थोड़ी चिंता बढ़ाने वाली हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार यानी COMEX Silver की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। एक समय जिस चांदी ने $119.51 के रिकॉर्ड स्तर को छुआ था, वही अब करीब $75 प्रति औंस के आसपास फिसलती नजर आ रही है। इस गिरावट ने निवेशकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या चांदी अब आगे भी दबाव में रहेगी या फिर इसमें दोबारा तेजी लौटेगी।
घरेलू बाजार में भी कमजोरी
भारतीय वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में भी चांदी पर दबाव देखने को मिला। कमजोर हाजिर मांग और कारोबारियों की बिकवाली के कारण कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। चांदी के मई डिलीवरी कॉन्ट्रैक्ट की कीमत करीब 3,549 रुपये यानी करीब 1.46 प्रतिशत गिरकर 2,40,219 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। बाजार में कारोबार सुस्त रहा और निवेशकों की भागीदारी भी थोड़ी कम दिखाई दी।
वैश्विक संकेत और स्थिरता का असर
वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क बाजार में चांदी की कीमतों में बड़ी हलचल नहीं दिखी और यह शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को 75.33 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रही। हालांकि स्थिरता के बावजूद बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि पिछले महीनों में चांदी में तेजी के बाद अब मुनाफावसूली का दबाव साफ दिख रहा है। यही वजह है कि कीमतें अपने उच्च स्तर से नीचे आ गई हैं। एक समय ऐसा भी था जब यह $119.51 के रिकॉर्ड ऊंचाी पर थी। पिछले साल तो चांदी $30 तक गिरी थी।
ट्रेडिंग सिग्नल क्या बता रहे हैं?
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, बाजार में अलग-अलग समय-सीमा पर अलग संकेत मिल रहे हैं। छोटे समय के चार्ट जैसे 5 मिनट या 1 घंटे के फ्रेम में अभी भी खरीदारी के संकेत नजर आ रहे हैं, जो इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए हल्की तेजी का मौका दिखा सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ, बड़े समय यानी डेली चार्ट पर अभी भी बिकवाली (Sell) का दबाव बना हुआ है। इसका मतलब यह है कि लंबी अवधि का ट्रेंड अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुआ है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, फिलहाल चांदी का बाजार “वेट एंड वॉच” की स्थिति में है। यानी जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को स्टॉप-लॉस के साथ ही सावधानीपूर्वक ट्रेड करना चाहिए, क्योंकि उतार-चढ़ाव तेज रह सकता है। वहीं, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट चिंता का कारण नहीं मानी जा रही है, क्योंकि इतिहास में चांदी कई बार गिरने के बाद फिर से मजबूत वापसी कर चुकी है।
धैर्य ही सबसे बड़ी रणनीति
कुल मिलाकर चांदी का बाजार फिलहाल दबाव और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। कीमतों में गिरावट ने जहां कुछ निवेशकों को सतर्क किया है, वहीं लंबे समय के निवेशकों के लिए यह एक सामान्य करेक्शन माना जा रहा है। ऐसे में सबसे जरूरी रणनीति धैर्य बनाए रखना और सही मौके का इंतजार करना है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है, अगर आपको निवेश करना है तो एक्सपर्ट्स से संपर्क करें।)
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