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चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल, मात्र 241 दिनों में कैसे पहुंची 20 डॉलर से 110 डॉलर तक, जानें सफर

Silver price: पिछले 241 दिनों में चांदी ने 20 डॉलर प्रति औंस से 110 डॉलर प्रति औंस तक का ऐतिहासिक सफर तय किया। भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर की कमजोरी, फेड की संभावित दर कटौती और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने कीमतों को उछाला। MCX पर चांदी 7.5% उछलकर 3,59,800 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी जारी रही।

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चांदी की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Silver price: घरेलू वायदा बाजार में चांदी की कीमतों ने फिर नया रिकॉर्ड बना दिया। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने कीमती धातुओं की कीमतों को जोरदार सहारा दिया। निवेशक जोखिम भरे बाजारों से दूरी बनाकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं, जिसका सीधा फायदा चांदी को मिला है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में आज मंगलवार (27 जनवरी 2025) मार्च डिलीवरी वाली चांदी में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला। चांदी की कीमत 25,000 रुपये से ज्यादा यानी करीब 7.5% बढ़कर 3,59,800 रुपये प्रति किलो के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी कीमतें रिकॉर्ड बना रही है। यह करीब 110 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई है। आइए जानते हैं चांदी का 20 डॉलर प्रति किलो से 110 डॉलर तक सफर मात्र 241 दिनों कैसे हासिल किया।

20 डॉलर से 110 डॉलर तक चांदी का सफर

मात्र 241 दिनों में चांदी 20 डॉलर से 110 डॉलर तक पहुंच गई। चांदी के बाजार में कीमतों के अलग-अलग स्तरों पर टिकने की अवधि को देखें तो एक दिलचस्प ट्रेंड सामने आता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चांदी ने $20 से $30 प्रति औंस के दायरे में सबसे ज्यादा समय लगभग 145 दिन बिताया। यही नहीं $30 से $40 के स्तर पर भी चांदी करीब 145 दिनों तक बनी रही, जो यह दिखाता है कि ये दोनों रेंज लंबे समय तक निवेशकों के लिए कंफर्ट जोन रहीं। इसके बाद जैसे-जैसे कीमतें ऊपर बढ़ीं, टिकने का समय तेजी से घटता गया। $40 से $50 के बीच चांदी सिर्फ 39 दिन रही, जबकि $50 से $60 की रेंज में यह अवधि घटकर 12 दिन रह गई। $60 से $70 के स्तर पर 13 दिन और $70 से $80 के बीच महज 6 दिन का समय दर्ज किया गया, जो तेज उतार-चढ़ाव का संकेत देता है। दिलचस्प बात यह है कि ऊंची कीमतों पर अस्थिरता और भी बढ़ गई। $80 से $90 के बीच चांदी 15 दिन रही, $90 से $100 के स्तर पर 10 दिन और $100 से $110 के बीच तो केवल 1 दिन ही टिक पाई। बाजार एक्सपर्ट का मानना है कि जैसे-जैसे चांदी नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ती है, मुनाफावसूली और जोखिम के कारण कीमतें ज्यादा समय तक एक स्तर पर नहीं रुकतीं। ये आंकड़े साफ तौर पर दिखाते हैं कि चांदी का बाजार निचले स्तरों पर स्थिर और ऊंचे स्तरों पर बेहद तेज और संवेदनशील हो जाता है, जो निवेशकों के लिए रणनीति बनाते समय अहम संकेत दे सकता है।

डॉलर कमजोर, चांदी मिला फायदा

अमेरिकी डॉलर की कमजोरी की बड़ी वजह अमेरिका में संभावित सरकारी शटडाउन की आशंका और नए व्यापारिक तनाव हैं। डॉलर कमजोर होने पर आमतौर पर सोने की कीमतों में तेजी आती है, क्योंकि निवेशकों के लिए सोना ज्यादा आकर्षक हो जाता है। यही कारण है कि मौजूदा हालात में सोने और चांदी दोनों में जोरदार खरीदारी देखने को मिल रही है।

ट्रंप के टैरिफ बयान से बढ़ी चिंता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप ने दक्षिण कोरिया से आयात होने वाली कारों, लकड़ी और दवाओं पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी है। इसके अलावा, उन्होंने कनाडा को चेतावनी दी है कि अगर वह चीन के साथ व्यापार समझौता करता है तो उस पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा। इन बयानों से वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका फिर से गहराती नजर आ रही है।

निवेशकों की नजर फेड की बैठक पर

इन सभी घटनाओं के बीच निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर टिकी हुई है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक 27-28 जनवरी को हो रही है। उम्मीद है कि फेड इस बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखेगा, लेकिन बाजार को भरोसा है कि इस साल कम से कम दो बार ब्याज दरों में कटौती की जा सकती है।

फेड को लेकर राजनीतिक दबाव भी चर्चा में

फेडरल रिजर्व इस समय सिर्फ मौद्रिक नीति की वजह से ही नहीं, बल्कि राजनीतिक कारणों से भी सुर्खियों में है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल के खिलाफ चल रही आपराधिक जांच और मई में उनके कार्यकाल के खत्म होने के बाद नए चेयरमैन की नियुक्ति को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। इन सब कारणों से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे सोने-चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की मांग बढ़ रही है।

सोने और चांदी की कीमतों में आई यह तेज उछाल निवेशकों के सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ते रुझान को दिखाता है। उनके मुताबिक, बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम और व्यापारिक तनावों ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है, जिससे सोने और चांदी में मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है। राजनीतिक दबाव और केंद्रीय बैंकों की स्वतंत्रता पर सवालों ने डिबेसमेंट ट्रेड को मजबूत किया है। इसका मतलब है कि निवेशक करेंसी की वैल्यू घटने के डर से कीमती धातुओं में निवेश बढ़ा रहे हैं। खासतौर पर चांदी में तेज इनफ्लो देखने को मिल रहा है।

सोना-चांदी के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल

एक्सपर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को $5,000 और $4,915 पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि $5,120 और $5,200 पर रेजिस्टेंस है। चांदी के लिए $107.10 और $104.75 सपोर्ट लेवल हैं, जबकि $113.15 और $115 पर रुकावट आ सकती है।

घरेलू बाजार में कहां टिकेंगी कीमतें?

भारतीय बाजार में सोने को 1,57,050 रुपये और 1,55,310 रुपये पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि 1,59,850 रुपये और 1,62,950 रुपये पर रेजिस्टेंस है। वहीं चांदी के लिए 3,38,810 रुपये और 3,22,170 रुपये सपोर्ट लेवल हैं, जबकि 3,55,810 रुपये और 3,62,470 रुपये पर रेजिस्टेंस बताया गया है।

आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें?

कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को सोने और चांदी में गिरावट पर खरीदारी करनी चाहिए। उनके अनुसार, अगर सोना ₹1,53,500 और चांदी ₹3,26,000 के ऊपर बंद रहती है तो तेजी बनी रह सकती है। आने वाले सत्रों में सोना 1,65,000 रुपये और चांदी 3,65,000 रुपये तक पहुंच सकती है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

कुल मिलाकर, मौजूदा वैश्विक हालात, कमजोर डॉलर, फेड की संभावित दर कटौती और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के चलते सोने और चांदी में तेजी का रुझान बना हुआ है। हालांकि, कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं, इसलिए निवेशकों को सावधानी के साथ रणनीति बनानी चाहिए और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही निवेश करना चाहिए।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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