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सोना छोड़िए! चांदी ने मचाई धूम, 2025 में अब तक 11% रिटर्न; कैसे हुआ फायदेमंद सौदा

चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे यह निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनती जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले वर्षों में चांदी का प्रदर्शन और बेहतर होने की उम्मीद है। चांदी ने 2025 में अब तक 11% रिटर्न दिया है, जिससे यह निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बन गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की औद्योगिक मांग, वैश्विक अनिश्चितताएं और अमेरिका की व्यापार नीतियों के कारण आने वाले वर्षों में इसका प्रदर्शन और बेहतर होने की उम्मीद है।

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निवेश में चांदी की चमक बरकरार

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • चांदी ने 2024 में अब तक 11% रिटर्न दिया, निवेशकों में बढ़ी दिलचस्पी।
  • सोने की तुलना में चांदी अधिक अस्थिर लेकिन अधिक किफायती, छोटे निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प।
  • औद्योगिक मांग और अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित कटौती के चलते चांदी की कीमतों में और उछाल संभव।

वर्तमान वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच चांदी एक आकर्षक निवेश विकल्प बन रही है। इस साल अब तक चांदी ने लगभग 11% का रिटर्न दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत बुनियादी कारकों और अन्य कीमती धातुओं की तुलना में सस्ती कीमतों के कारण अगले 2-3 वर्षों में चांदी निवेशकों को और भी बेहतर रिटर्न दे सकती है।

चांदी बनाम सोना: कौन है बेहतर निवेश?

विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की तुलना में चांदी अधिक अस्थिर होती है क्योंकि यह न केवल निवेश परिसंपत्ति के रूप में बल्कि औद्योगिक धातु के रूप में भी उपयोगी है। हालांकि, यह सोने की तुलना में अधिक किफायती है, जिससे छोटे निवेशकों के लिए इसे खरीदना आसान हो जाता है।

मेहता इक्विटीज के अनुसार, चांदी ने पिछले दो वर्षों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है और इस साल भी अब तक 11% की वृद्धि दर्ज की गई है। 2022 में, चांदी की कीमत में 17.50% की बढ़ोतरी हुई थी, जो 10 साल के औसत रिटर्न 9.56% से अधिक थी। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग बनी रहने और अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित कटौती के कारण चांदी की कीमतों में और उछाल आ सकता है।

अमेरिका की नीतियों का प्रभाव

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका की अनिश्चित व्यापार नीतियां भी चांदी की बढ़ती कीमतों का एक बड़ा कारण हैं। अमेरिका में ब्याज दरों में गिरावट और वैश्विक आर्थिक तनाव चांदी की मांग को और बढ़ा सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की नीतिगत अनिश्चितताओं और वैश्विक तनाव भी चांदी के दाम में तेजी ला रहे हैं। चांदी की औद्योगिक मांग लगातार बनी हुई है, जो आभूषण खरीदारी में कमी की भरपाई कर रही है।

निवेशकों के लिए चांदी बेहतर क्यों?

विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशकों को 70% सोना और 30% चांदी या 60% सोना और 40% चांदी में निवेश करना चाहिए, ताकि जोखिम और लाभ दोनों का संतुलन बना रहे। दीर्घकालिक निवेशकों के लिए सोना सुरक्षित विकल्प है, लेकिन अल्पकालिक निवेशकों के लिए चांदी अधिक लाभदायक साबित हो सकती है।

सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में बढ़ती मांग के कारण भविष्य में चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना है।

भौतिक चांदी बनाम ईटीएफ निवेश

चांदी में निवेश करने के लिए भौतिक चांदी, चांदी ईटीएफ (ETF), और म्यूचुअल फंड जैसे कई विकल्प उपलब्ध हैं। भौतिक चांदी खरीदने पर भंडारण लागत, GST और अन्य कर लगते हैं। चांदी ETF एक बेहतर विकल्प माना जाता है क्योंकि यह अधिक तरल (liquid) और लागत-कुशल होता है। अल्पकाल से मध्यम अवधि के निवेशकों के लिए चांदी ईटीएफ सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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