वर्तमान वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच चांदी एक आकर्षक निवेश विकल्प बन रही है। इस साल अब तक चांदी ने लगभग 11% का रिटर्न दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत बुनियादी कारकों और अन्य कीमती धातुओं की तुलना में सस्ती कीमतों के कारण अगले 2-3 वर्षों में चांदी निवेशकों को और भी बेहतर रिटर्न दे सकती है।
चांदी बनाम सोना: कौन है बेहतर निवेश?
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की तुलना में चांदी अधिक अस्थिर होती है क्योंकि यह न केवल निवेश परिसंपत्ति के रूप में बल्कि औद्योगिक धातु के रूप में भी उपयोगी है। हालांकि, यह सोने की तुलना में अधिक किफायती है, जिससे छोटे निवेशकों के लिए इसे खरीदना आसान हो जाता है।
मेहता इक्विटीज के अनुसार, चांदी ने पिछले दो वर्षों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है और इस साल भी अब तक 11% की वृद्धि दर्ज की गई है। 2022 में, चांदी की कीमत में 17.50% की बढ़ोतरी हुई थी, जो 10 साल के औसत रिटर्न 9.56% से अधिक थी। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग बनी रहने और अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित कटौती के कारण चांदी की कीमतों में और उछाल आ सकता है।
अमेरिका की नीतियों का प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका की अनिश्चित व्यापार नीतियां भी चांदी की बढ़ती कीमतों का एक बड़ा कारण हैं। अमेरिका में ब्याज दरों में गिरावट और वैश्विक आर्थिक तनाव चांदी की मांग को और बढ़ा सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की नीतिगत अनिश्चितताओं और वैश्विक तनाव भी चांदी के दाम में तेजी ला रहे हैं। चांदी की औद्योगिक मांग लगातार बनी हुई है, जो आभूषण खरीदारी में कमी की भरपाई कर रही है।
निवेशकों के लिए चांदी बेहतर क्यों?
विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशकों को 70% सोना और 30% चांदी या 60% सोना और 40% चांदी में निवेश करना चाहिए, ताकि जोखिम और लाभ दोनों का संतुलन बना रहे। दीर्घकालिक निवेशकों के लिए सोना सुरक्षित विकल्प है, लेकिन अल्पकालिक निवेशकों के लिए चांदी अधिक लाभदायक साबित हो सकती है।
सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में बढ़ती मांग के कारण भविष्य में चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना है।
भौतिक चांदी बनाम ईटीएफ निवेश
चांदी में निवेश करने के लिए भौतिक चांदी, चांदी ईटीएफ (ETF), और म्यूचुअल फंड जैसे कई विकल्प उपलब्ध हैं। भौतिक चांदी खरीदने पर भंडारण लागत, GST और अन्य कर लगते हैं। चांदी ETF एक बेहतर विकल्प माना जाता है क्योंकि यह अधिक तरल (liquid) और लागत-कुशल होता है। अल्पकाल से मध्यम अवधि के निवेशकों के लिए चांदी ईटीएफ सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है।
