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SVB के बंद होने से 1 लाख लोगों की जाएगी नौकरी, अशनीर ने कहा-वेंचर कैपिटलिस्ट की भी खतरे में जॉब

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Mar 12, 2023, 06:47 PM IST

एसवीबी, जो टेक्नोलॉजी स्टार्ट-अप को लोन देता था, शुक्रवार को अमेरिकी नियामकों ने बंद कर दिया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में 50 फीसदी से ज्यादा वेंचर कैपेटलिस्ट ने स्टार्ट-अप्स में अपना पैसा बैंक में लगाया था।

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भारतपे के पूर्व CEO अशनीर ग्रोवर।

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KEY HIGHLIGHTS
  • अशनीर ग्रोवर का वीसी पर तंज
  • कहा- ये खुद को समझने लगते हैं फाउंडर
  • सरकार भी इसके प्रभाव का लेगी जायजा

भारतपे के पूर्व CEO अशनीर ग्रोवर ने रविवार को सिलिकॉन वैली बैंक क्रासिस के बीच वेंचर कैपेलिस्ट पर तीखा वार किया है। उन्होंने कहा कि वह कैलिफोर्निया के सिलिकॉन वैली बैंक (SVB) के खात्मे के बाद कितने वेंचर कैपिटलिस्ट (VC) अपनी नौकरी गंवाने वाले हैं वो यह देखने के लिए उत्सुक हैं।

वीसी कंपनी के नहीं होते फाउंडर

उन्होंने वेंचर कैपेलिस्ट को गंदा करार दिया और इसकी सफाई की जरूरत पर जोर दिया है। बता दें अमेरिका का 16वां सबसे बड़ा बैंक SVB, जो टेक स्टार्ट-अप लोन देता था, वह दिवालिया हो चुका था जिसे शुक्रवार को बंद कर दिया गया है। ग्रोवर ने कहा कि वीसी को समझना चाहिए कि वे फाउंडर नहीं हैं और जो पैसा वह लगाते हैं वह उनका खुद का पैसा नहीं है।

पैसे वापस पाने के लिए दायर की गई याचिका

सिलिकॉन वैली बैंक (एसवीबी) के बंद होने से एक लाख से अधिक नौकरियां जाएंगी और हजारों स्टार्टअप प्रभावित होंगे। ये बात अमेरिकी टेक्नोलॉजी स्टार्टअप को आगे बढ़ाने वाली संस्था वाई कॉम्बिनेटर ने कही है। इसकी सचिव जेनेट येलेन एक याचिका भी दायर की है जिस पर 3,500 से अधिक सीईओ और 2 लाख से अधिक कर्मचारियों के संस्थापकों के हस्ताक्षर भी हैं। साथ ही छोटे बिजनेस, स्टार्टअप और उनके कर्मचारियों, जो बैंक में जमाकर्ता हैं, उनके लिए जल्द से राहत दिलाने की बात कही है। NVCA के अनुसार, SVB के पास 37,000 से अधिक छोटे व्यवसायिक जमाकर्ता हैं जिनकी बैंक 250,000 डॉलर से अधिक राशि जमा है। जो उन्हें अब नहीं मिल पा रही है।

एसवीबी में पैसा लगाने वाले एक-तिहाई स्टार्टअप्स

टैन ने कहा, कि एसवीबी में पैसा लगाने वाले एक-तिहाई स्टार्टअप्स ने एसवीबी को अपने एकमात्र बैंक खाते के रूप में इस्तेमाल किया। जिससे, अगले 30 दिनों में उनके पास पेरोल चलाने के लिए नकदी नहीं होगी। ऐसे में पेरोल से संबंधित फर्लो या शटडाउन 10,000 से अधिक छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स को प्रभावित करेगा। यदि औसत छोटा स्टार्टअप 10 लोगों को रोजगार देता है, तो औसतन 100,000 से अधिक नौकरियां प्रभावित होंगी।

भारतीय स्टार्टअप पर पड़ने वाले प्रभाव का होगा आकलन

इसके अलावा केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने रविवार को कहा कि वह एसवीबी फाइनेंशियल ग्रुप के पतन के प्रभाव का आकलन करने के लिए देश के स्टार्टअप समुदाय के प्रतिनिधियों से मिलेंगे। मंत्री के अनुसार, यह कदम स्टार्टअप समुदाय का समर्थन करने के लिए होगा, जो "न्यू इंडिया इकोनॉमी का जरूरी हिस्सा" है।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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