RBI Report: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नई रिपोर्ट के अनुसार, देश के महानगरों में बैंकों द्वारा दिए गए कुल कर्ज का हिस्सा घटकर 58.7% रह गया है, जो पांच साल पहले 63.5% था। RBI का कहना है कि यह बदलाव इसलिए हुआ क्योंकि ग्रामीण, अर्ध-शहरी और शहरी इलाकों में कर्ज की मांग तेजी से बढ़ी है। इन क्षेत्रों में बैंक ज्यादा कर्ज दे रहे हैं, इसलिए मेट्रो शहरों का हिस्सा कुल कर्ज में कम हो गया है।
हालांकि, जमा (डिपॉजिट) के मामले में महानगरों में अब भी तेजी है। मार्च 2025 तक महानगरीय क्षेत्रों की बैंक शाखाओं में जमा 11.7% की दर से बढ़ी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 10.1%, अर्ध-शहरी में 8.9% और शहरी क्षेत्रों में 9.3% रही। RBI की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024-25 में बैंकों द्वारा दिया गया कुल कर्ज 11.1% बढ़ा, जो पिछले साल 15.3% था। वहीं जमा वृद्धि घटकर 10.6% रह गई, जो पहले 13% हुआ करती थी।
आरबीआई ने कहा, ‘‘महानगरों की तुलना में ग्रामीण, अर्ध-शहरी और शहरी क्षेत्रों में अधिक लोन वृद्धि हुई है। इसके साथ कुल लोन में मेट्रो शहरों की शाखाओं की हिस्सेदारी मार्च, 2025 में घटकर 58.7 प्रतिशत रह गई, जो पांच साल पहले 63.5 प्रतिशत थी।’’ केंद्रीय बैंक के अनुसार, दिलचस्प बात यह है कि जमा के नजरिए से महानगरों की बैंक शाखाएं अन्य समूहों की तुलना में अधिक वृद्धि दर्ज कर रही हैं।
इसमें कहा गया कि जमाराशि में प्रमुख हिस्सा रहीं महानगरीय क्षेत्रों में स्थित बैंक शाखाओं ने मार्च, 2025 में 11.7 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की, जबकि ग्रामीण, अर्ध-शहरी और शहरी केंद्रों में क्रमशः 10.1 प्रतिशत, 8.9 प्रतिशत और 9.3 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।
पिछले वित्त वर्ष (2024-25) में बैंक लोन की कुल वृद्धि घटकर 11.1 प्रतिशत रह गई, जो वित्त वर्ष 2023-24 में 15.3 प्रतिशत थी। जबकि इसी अवधि के दौरान जमा वृद्धि घटकर 10.6 प्रतिशत रह गई जो पहले 13 प्रतिशत होती थी। आंकड़ों में बताया गया है कि सावधि जमा पर उच्च दरों के कारण बचत जमा की हिस्सेदारी घटकर 29.1 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले 30.8 प्रतिशत और दो साल पहले 33 प्रतिशत थी।
आरबीआई ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में सभी बैंक समूहों में लोन वृद्धि में गिरावट देखी गई। रिजर्व बैंक ने कहा कि व्यक्तिगत लोन में वृद्धि, जिसमें आवास, शिक्षा, वाहन, व्यक्तिगत क्रेडिट कार्ड, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं शामिल हैं, में तेजी से कमी आई और यह 13.2 प्रतिशत रह गई। रिजर्व बैंक ने कहा कि इसका हिस्सा अब 31 प्रतिशत हो गया है।
इनपुट- भाषा
