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Share Market Closing: शेयर बाजार में बिकवाली हावी, 2 दिन में 1000 अंक लुढ़का सेंसेक्स; ये हैं 3 बड़े कारण

Share Market Closing: ​​​शुक्रवार को शेयर बाजार दूसरी बार लगातार टूट गया। विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली और ग्लोबल मार्केट से मिल रहे कमजोर संकेतों ने निवेशकों का भरोसा हिला दिया। सेंसेक्स 465 अंक गिरकर 83,938 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 152 अंक फिसलकर 25,725 पर पहुंच गया। NTPC, Cipla, InterGlobe Aviation और Max Healthcare जैसे बड़े शेयरों में 2% तक की गिरावट आई।

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Share Market Today

Share Market Closing: शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट देखने को मिली और निवेशकों को बड़ा झटका लगा। दो दिनों में सेंसेक्स करीब 1,000 अंक टूट चुका है, जबकि निफ्टी भी लगातार दबाव में है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, ग्लोबल मार्केट में कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं ने बाजार की हवा निकाल दी। शुक्रवार को सेंसेक्स करीब 465 अंक टूटकर 83938 के लेवल पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 155 अंक टूटकर 25,722 के लेवल पर बंद हुआ।

इससे पहले गुरुवार को भी सेंसेक्स 592 अंक लुढ़ककर 84,404 पर बंद हुआ था, वहीं निफ्टी 155 अंक गिरकर 25,898 पर बंद हुआ। इससे पहले पिछले हफ्ते बाजार ने 85,200 का स्तर छुआ था, जो उसके ऑल-टाइम हाई से सिर्फ 700 अंक नीचे था। बड़े शेयरों में भारी गिरावट के कारण निवेशकों की करोड़ों की दौलत एक झटके में उड़ गई। आइए आपको बताते हैं वो 3 बड़े कारण, जिनसे बाजार धराशायी हुआ…

बाजार क्यों गिरा? 3 बड़े कारण

विदेशी निवेशकों की सेलिंग

विदेशी निवेशकों (FII) ने लगातार दूसरे दिन भारी बिकवाली की। गुरुवार को उन्होंने करीब ₹3,077 करोड़ के शेयर बेचे। उससे पहले बुधवार को भी ₹2,540 करोड़ निकाल चुके थे। विशेषज्ञों के मुताबिक, FII की लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव बना रहेगा।

ग्लोबल मार्केट कमजोर

एशियाई बाजारों में कमजोरी देखने को मिली, खासकर चीन और हांगकांग के बाजार लाल निशान में बंद हुए। अमेरिका के मार्केट भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। फेडरल रिजर्व की नीतियों और आने वाले आर्थिक डेटा को लेकर निवेशक सतर्क बने हुए हैं।

US–China ट्रेड डील पर अनिश्चितता

अमेरिका और चीन के बीच हुई मुलाकात ने बाजार को राहत तो दी, लेकिन उम्मीद के मुताबिक कोई बड़ा समझौता नहीं हो पाया। सिर्फ एक साल की अस्थायी ट्रेड ट्रूस (रुकावट) पर सहमति बनी। यह बाजार को लंबे समय की स्पष्टता नहीं दे पाया, इसलिए निवेशक फिर सावधान हो गए।

ये हैं बाजार के टॉप लूजर

सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार के दौरान कुछ बड़े शेयरों पर दबाव देखने को मिला। एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, HDFC बैंक, एक्सिस बैंक, ICICI बैंक, सन फार्मा और अडानी पोर्ट्स शुरुआती लूजर्स में शामिल रहे। वहीं ब्रॉडर मार्केट में माहौल थोड़ा बेहतर दिखा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.08% चढ़ा और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.35% की बढ़त के साथ ट्रेड करता दिखा।

ITC में मजबूती

ITC के शेयरों में आज शुरुआत से ही तेजी रही। तिमाही नतीजे मजबूत आने के बाद स्टॉक करीब 1% उछलकर ₹424 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि मार्केट में कहीं-कहीं बिकवाली भी नजर आई।

सेक्टर्स का हाल

शुक्रवार के शुरुआती सत्र में सेक्टोरल इंडेक्स का रुख मिला-जुला रहा। निफ्टी ऑटो, आईटी, FMCG, रियल्टी, PSU बैंक और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड कर रहे थे। दूसरी तरफ निफ्टी बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, मीडिया, मेटल और फार्मा सेक्टर पर दबाव रहा। ब्रॉडर मार्केट में भी हल्की तेजी दिखाई दी, जहां निफ्टी मिडकैप 100 में 0.1% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.3% की बढ़त दर्ज की गई।

(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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