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Share Market Closing: इन तीन चीजों के दम पर उछल रहा शेयर बाजार, सेंसेक्स 559 अंक तो निफ्टी 26000 के पार बंद

भारतीय शेयर बाजारों में आज, 27 अक्टूबर को हफ्ते की शानदार शुरुआत हुई। ग्लोबल मार्केट से मिले पॉजिटिव संकेत, विदेशी निवेशकों की जोरदार खरीदारी और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने बाजार को मजबूती दी। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 700 अंकों तक चढ़ गया, जबकि निफ्टी 26,000 के पार निकल गया। दोपहर 3.30 बजे सेंसेक्स 566 अंकों की तेजी के साथ बंद हुआ.

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सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 566 अंक चढ़कर 84,778.29 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में भी मजबूत बढ़त दर्ज की गई और ये 26000 के पार बंद हुआ। यह उछाल निवेशकों की उस उम्मीद से जुड़ा है कि आने वाले समय में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। हाल ही में आए अमेरिका के महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहे हैं, जो फिलहाल 3% के स्तर पर हैं। इसके अलावा अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड टॉक में सकारात्मक संकेत और भारत-अमेरिका के बीच नवंबर में संभावित ट्रेड डील की खबरों ने बाजार की धारणा को और मजबूत किया है। इन तमाम वजहों से निवेशकों में जोश बढ़ा है और उसका असर शेयर बाजार की तेजी में साफ दिखाई दिया।

दिन की पॉजिटिव शुरुआत

छठ पर्व के दिन भारतीय शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स 85 अंकों की बढ़त के साथ 84,297 के स्तर पर खुला। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 25,843 के स्तर पर शुरुआत करने के बाद अब 76 अंक चढ़कर 25,871 पर कारोबार कर रहा है। बाजार खुलने के थोड़ी ही देर में सेंसेक्स ने 251 अंकों की छलांग लगा दी और 84,463.82 के लेवल पर कारोबार करता नजर आ रहा है।

सोमवार सुबह बाजार में तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स के 30 में से 20 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। टाटा स्टील, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (TMPV), एयरटेल और रिलायंस के शेयरों में मजबूती दिख रही है, जबकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफोसिस के शेयरों में हल्की गिरावट है।

इन 3 कारणों से आई तेजी

शेयर बाजार में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली, और इसके पीछे तीन बड़ी वजहें रहीं

फेड रेट कट की उम्मीद- अमेरिका में महंगाई के आंकड़े नरम आए हैं, जिससे उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व अपनी 28-29 अक्टूबर की बैठक में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। दरें घटने से विदेशी निवेश उभरते बाजारों की ओर बढ़ता है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखा।

विदेशी निवेशकों की वापसी- FIIs ने 24 अक्टूबर को भारतीय बाजार में ₹621 करोड़ की खरीदारी की। त्योहारी सीजन, कॉरपोरेट कमाई में सुधार और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीदों ने विदेशी निवेशकों को दोबारा आकर्षित किया है।

ग्लोबल मार्केट से पॉजिटिव संकेत- एशियाई और अमेरिकी बाजारों में मजबूती बनी रही। डॉव जोन्स और नैस्डैक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे हैं। ग्लोबल बाजारों की यह तेजी भारत के शेयर बाजार में भी जोश लेकर आई है।

ग्लोबल बाजार का हाल

ग्लोबल बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेतों का असर आज भारतीय बाजार पर भी साफ दिख रहा है। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार वार्ता में प्रगति की खबरों से एशियाई बाजारों में तेजी रही। जापान का निक्केई इंडेक्स पहली बार 50,000 अंक के पार पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार के तीनों प्रमुख इंडेक्स डॉउ जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक पिछले सप्ताह ऑल टाइम हाई पर बंद हुए थे।

निफ्टी के 50 में से 35 शेयर बढ़त में हैं। एनएसई के बैंकिंग और रियल्टी इंडेक्स लगभग 2% ऊपर कारोबार कर रहे हैं, जबकि FMCG सेक्टर में मामूली कमजोरी देखी जा रही है।

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.27% बढ़कर 4,031 पर और जापान का निक्केई 2.10% चढ़कर 50,337 पर पहुंच गया है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.95% ऊपर 26,409 पर है, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट 1.04% बढ़कर 3,991 पर कारोबार कर रहा है।

इस हफ्ते बाजार की नजरें इन पर

निवेशक इस सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक, अमेरिका-चीन और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, कंपनियों के तिमाही नतीजे, सोने-चांदी की कीमतें, एफआईआई निवेश प्रवाह और प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर ध्यान रखेंगे।

पिछले कारोबारी दिन का हाल

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार मुनाफावसूली के कारण गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 344.52 अंक गिरकर 84,211.88 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 96.25 अंक घटकर 25,795.15 पर रहा।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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