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Market Pre Open: टोक्यो से न्यूयॉर्क और करेंसी से कमोडिटी हर जगह बाजार गुलजार

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच बाजारों में जारी गिरावट थमती दिख रही है। मंगलवार सुबह सभी एशियाई बाजार मजबूती के साथ पॉजिटिव जोन में कारोबार कर रहे हैं। इसके अलावा क्रूड, गोल्ड और सिल्वर जैसी कमोडिटी में भी तेजी है।

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शेयर बाजार में गिरावट के दौर पर लगा विराम

Photo : Times Now Digital

Global Markets : मंगलवार को भारतीय बाजार की ओपनिंग से पहले एशियाई और यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों ने एक टोन सेट कर दी है। सभी बड़े ग्लोबल मार्केट्स में खरीदारी लौटती दिख रही है। यहां तक कि क्रूड भी अभी 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। इसके अलावा गोल्ड और सिल्वर में भी खरीदारी देखने को मिल रही है। ग्लोबल बाजारों में फिलहाल राहत की रैली देखने को मिल रही है, जिसमें एशिया से लेकर अमेरिका तक खरीदारी लौटी है। हालांकि, जियोपॉलिटिकल तनाव और महंगे क्रूड के चलते यह तेजी अभी नाजुक बनी हुई है और आगे की दिशा इन्हीं फैक्टर्स पर निर्भर करेगी।

टोक्यो से न्यूयॉर्क तक लौटी खरीदारी

मंगलवार को भारतीय बाजार की ओपनिंग से पहले ग्लोबल संकेत पॉजिटिव नजर आ रहे हैं। एशियाई बाजारों में व्यापक खरीदारी देखने को मिल रही है, जहां Nikkei, Hang Seng, KOSPI और Taiwan Weighted जैसे इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी और एक्सपोर्ट आधारित बाजारों में खासतौर पर मजबूती दिखाई दे रही है, जिससे रिस्क-ऑन सेंटीमेंट का संकेत मिलता है। अमेरिकी बाजारों में भी पिछले सत्र में रिकवरी दर्ज की गई। Nasdaq और S&P 500 में 1% से ज्यादा की तेजी रही, जबकि Dow Futures हल्की कमजोरी के साथ स्थिर बना हुआ है। हालांकि, बड़े ट्रेंड की बात करें तो टेक्निकल संकेत अभी भी पूरी तरह मजबूत नहीं हुए हैं, जिससे निवेशक सतर्क बने हुए हैं।

इंडेक्सलेटेस्ट लेवल (LTP)बदलाव% बदलावYTD (%)
GIFT Nifty23,506.00+120.50+0.52%-10.59%
Nikkei 22554,003.00+251.85+0.47%+7.28%
Hang Seng26,136.00+301.98+1.17%+1.97%
Shanghai Composite4,097.63+12.84+0.31%+3.25%
KOSPI5,710.38+160.53+2.89%+32.50%
Taiwan Weighted33,880.30+537.79+1.61%+15.44%
Straits Times4,930.84+62.15+1.28%+5.90%
Jakarta Composite7,097.46+75.17+1.07%-17.92%
SET Composite (Thailand)1,405.020.000.00%+9.76%

यूरोपीय बाजारों ने दिया स्थिर सपोर्ट

यूरोप से भी बाजारों को सपोर्ट मिलता दिख रहा है। FTSE, DAX और CAC जैसे प्रमुख इंडेक्स सीमित लेकिन स्थिर बढ़त के साथ बंद हुए हैं। यह संकेत देता है कि वैश्विक निवेशक धीरे-धीरे जोखिम लेने के मूड में लौट रहे हैं, हालांकि जियोपॉलिटिकल तनाव अब भी एक बड़ा ओवरहैंग बना हुआ है। यूरोपीय बाजारों की यह स्थिरता एशियाई बाजारों में जारी तेजी को सपोर्ट दे रही है और ग्लोबल मार्केट के लिए एक बैलेंसिंग फैक्टर का काम कर रही है।

अमेरिकी बाजारLTPबदलाव% बदलावYTD (%)यूरोपीय बाजारLTPबदलाव% बदलावYTD (%)
Dow Jones Futures46,920.06-26.35-0.06%-2.38%FTSE 10010,317.69+56.54+0.55%+3.68%
S&P 5006,699.38+67.19+1.01%-2.13%CAC 407,935.97+24.44+0.31%-3.16%
Nasdaq22,374.18+268.82+1.22%-3.78%DAX23,564.01+116.72+0.50%-3.97%

कमोडिटी में उबाल, क्रूड बना ट्रिगर

कमोडिटी बाजार में तेजी इस समय सबसे बड़ा फैक्टर बनकर उभरी है। Brent Crude $100 प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, जो अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर है। गोल्ड और सिल्वर में भी खरीदारी बढ़ी है, जिससे यह साफ है कि निवेशक सेफ हेवन एसेट्स की तरफ झुकाव बनाए हुए हैं। यह ट्रेंड बताता है कि बाजार में अभी पूरी तरह से जोखिम खत्म नहीं हुआ है।

सेगमेंटनामलेवल (LTP)बदलाव% बदलावहाईलो
कमोडिटीBrent Crude102.80+2.59+2.59%103.09101.69
कमोडिटीCrude Oil95.84+2.34+2.50%96.3693.88
कमोडिटीGold5,027.18+20.33+0.41%5,027.894,994.94
करेंसीDollar Index99.89+0.09+0.09%99.9799.85
करेंसीUSD/INR92.42-0.04-0.04%92.4892.31

करेंसी संकेत और भारतीय बाजार की दिशा

करेंसी मार्केट में डॉलर इंडेक्स 100 के आसपास स्थिर बना हुआ है, जबकि रुपया 92.40 के स्तर के करीब बना हुआ है। यह संकेत देता है कि ग्लोबल अनिश्चितता के बीच डॉलर की मांग कायम है। इन सभी संकेतों को मिलाकर देखें तो भारतीय बाजार की ओपनिंग पॉजिटिव रहने की संभावना है। GIFT Nifty में मजबूती इस बात की पुष्टि करती है कि घरेलू बाजार में शुरुआत बढ़त के साथ हो सकती है, हालांकि ऊंचे क्रूड प्राइस आगे चलकर बाजार की तेजी पर दबाव डाल सकते हैं।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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