भारतीय शेयर बाजार की दिशा इस हफ्ते कुछ खास कारकों से प्रभावित होने वाली है। पिछले हफ्ते बाजार में बिकवाली और कमजोरी देखने को मिली थी, लेकिन इस हफ्ते कई महत्वपूर्ण आर्थिक डेटा, कंपनियों के तिमाही नतीजे और वैश्विक संकेत तय करेंगे कि बाजार ऊपर जाएगा या नीचे। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को इन बातों पर खास ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इनके परिणाम से शेयर बाजार की दिशा में बड़ा बदलाव आ सकता है।
सबसे पहले इस हफ्ते कई बड़ी कंपनियों के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे आने वाले हैं। आईटी, बैंकिंग, ऊर्जा और वित्त जैसे प्रमुख क्षेत्रों की कंपनियों जैसे TCS, HCL Tech, Infosys और Reliance Industries के नतीजे बाजार के मूड को प्रभावित करेंगे। अगर कॉर्पोरेट नतीजे उम्मीद से बेहतर आते हैं तो बाजार में तेजी आ सकती है, और अगर कमजोर नतीजे आते हैं तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। इन तिमाही परिणामों के साथ-साथ कंपनियों के प्रबंधन के भविष्य के मार्गदर्शन (guidance) भी निवेशकों के फैसलों पर असर डालेंगे।
इन चीजों का बाजार पर होगा असर
दूसरी तरफ इस सप्ताह महंगाई (inflation) डेटा भी सामने आएगा। भारत की खुदरा और थोक महंगाई के आंकड़े निवेशकों की नजर में होंगे। महंगाई बढ़ने या घटने के संकेत से यह पता चलेगा कि बाजार में पैसा महीनों के लिए कितना सुस्त या तेज रहेगा। उदाहरण के लिए, अगर महंगाई अचानक बढ़ती है, तो RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) ब्याज दरों को सख्त कर सकता है, जिससे शेयर बाजार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
वैश्विक स्तर पर भी कुछ बड़े निर्णय और फैसले इस हफ्ते शेयर बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। खासतौर पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का वह फैसला, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप के लगाए गए शुल्कों की वैधता तय हो सकती है, बाजार धारणा के लिए एक बड़ा संकेत है। अगर यह फैसला ट्रेड-टैरिफ के पक्ष में रहा तो बाजार में अनिश्चितता कम हो सकती है, लेकिन अगर उलटा परिणाम आया तो दिखाऊ दबाव बन सकता है।
इसके अलावा विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां भी इस बार बाजार पर असर डाल सकती हैं। पिछले हफ्ते विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार में कमजोरी लाई थी। अगर इस हफ्ते FII फिर निवेश करते हैं, तो सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूती आ सकती है, वहीं अगर बिकवाली जारी रही तो दबाव बना रहेगा।
पिछले हफ्ते कितना गिरा बाजार
पिछले हफ्ते शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स लगभग 2,185 अंक यानी करीब 2.5 प्रतिशत नीचे आया था, जिससे मंदी का माहौल बन गया था। ऐसा माना गया कि अमेरिका की ओर से आर्थिक दबाव, भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार को धक्का दिया। इस हफ्ते इन संकेतों की दिशा बदलने या न बदलने से बाजार में नई चाल बनेगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस हफ्ते बाजार में तीन मुख्य बातें देखने को मिल सकती हैं सबसे पहले कॉर्पोरेट नतीजों की वजह से शेयरों में तेजी या कमजोरी, दूसरी तरफ महंगाई डेटा की वजह से निवेशकों के फैसले, और तीसरी तरफ वैश्विक संकेत और विदेशी निवेश। ये तीनों मिलकर तय करेंगे कि बाजार किस दिशा में जाएगा।
